आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर सिपाहियों की कार में सवार प्रेमलता की मौत के मामले में पुलिस ने हादसे की प्राथमिकी दर्ज की है। बेटे के आरोपों और एफआईआर में दर्ज घटनाक्रम में अंतर सामने आया है, जबकि हादसे में एक सिपाही की मौत और दूसरा घायल हुआ था।
आगरा- अलीगढ़ हाईवे पर सिपाहियों की कार में सवार गांव नेकपुर की महिला प्रेमलता की संदिग्ध हाल में मौत पर पुलिस ने हादसे की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। 20 सितंबर को हुए इसी हादसे में सिपाही हर्ष तोमर की मौत हो गई थी। एक सिपाही हरीश शर्मा घायल हैं। उनका उपचार चल रहा है।
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हादसे के बाद प्रेमलता के बेटे यश ने आरोप लगाया था कि मां को पुलिसकर्मी घर से बुलाकर ले गए थे। बाइक की किस्त बकाया होने की बात कही थी। महिला पुलिसकर्मी साथ नहीं थीं। बाद में हादसे में मां के मौत की जानकारी दी गई। मगर, यश की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में इस बात का जिक्र नहीं है। तहरीर में लिखा गया है कि मां ड्यूटी से घर आ रही थीं। पीलीपोखर तक ऑटो मिला था।
वह वाहन का इंतजार कर रही थीं, तभी सिपाही कार से आए। मां को पहले से जानते थे। मां घर आने के लिए उनकी कार में बैठ गईं। रास्ते में ट्रक ने टक्कर मार दी। डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।