जमीन को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद हो गया था। बताया गया है गर्भवती महिला के पति की परिवार के सदस्य पिटाई कर रहे थे। जब महिला पति को बचाने गई, तो आरोपियों ने उसकी हालत पर भी तरस नहीं खाया। गर्भवती को लात-घूंसों से पीटा, जिससे पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
एटा अलीगंज के मोहल्ला पड़ाव में जमीन को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। आठ माह की गर्भवती अपने पति को बचाने आई तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे लात घूसों से पीटना शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसकी हालत भी नहीं देखी। पिटाई के कारण महिला की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां मृत बच्चा पैदा हुआ। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में नगला पड़ाव निवासी होशियार सिंह ने बताया कि जमीन को लेकर सोमवार रात को चाचा घनश्याम से झगड़ा हो गया था। चाचा और उसके परिवार के सदस्य उसे पीट रहे थे। वह अकेला पड़ गया, उसे बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। इस दौरान होशियार की आठ माह की गर्भवती पत्नी प्रीती आगे बढ़ गई। उसे अंदाजा नहीं था कि आरोपी उसके साथ भी मारपीट कर देंगे।
गर्भवती की हालत पर नहीं खाया तरस
आरोपियों ने पति को बचाने आई गर्भवती पत्नी प्रीती की हालत पर भी तरस नहीं खाया। बताया गया है कि प्रीती की भी लात-घूंसों से पिटाई कर दी। इससे प्रीती की हालत बिगड़ गई। उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां मंगलवार को मृत बच्चा पैदा हुआ। प्रीती की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं बच्चे के मरने की सूचना मिलने के बाद पति और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। इसके बाद पीड़ित पति होशियार सिंह ने थाने में आरोपी घनश्याम सिंह, सुनीता व अमित सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की जानकारी देते हुए अलीगंज थाना प्रभारी राजेश कुमार मीणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस प्रकरण में जांच कर रही है।