आशा पर्चा बनवाने गई तो बनाया नहीं। जांच वाले कमरे में लेकर गए तभी करिश्मा बेहोश होकर गिर गई। पति और आशा के चिल्लाने पर स्टाफ आया और भर्ती कराया। करिश्मा ने बच्ची को जन्म दिया।
पति का आरोप है कि प्रसव के बाद रात आठ बजे ही डिस्चार्ज कर दिया और कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। सीएचसी प्रभारी डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि जांच कराने के लिए कमरे में ले जाते वक्त गर्भवती बेहोश होकर गिर गई थी, उसे तत्काल भर्ती करा और प्रसव कराया। लापरवाही का आरोप गलत है।
वीडियो वायरल, आशा दे रही इंसानियत की दुहाई
अस्पताल में गर्भवती के बेहोश होने का वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें गर्भवती जमीन पर पड़ी है, आशा अस्पताल स्टाफ को इंसानियत की दुहाई दे रही है। एक कर्मचारी गर्भवती के चेहरे पर पानी छिड़क रहा है। स्टाफ पति से बहस कर रहा है, इसमें पति कह रहा है कि वह पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में नहीं ले जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) आरसी पांडे ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट नहीं थी, फिर भी स्टाफ ने प्रसव कराया, सराहनीय है, लेकिन गर्भवती को घंटा-डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया, इस आरोप की जांच करा रहा हूं। प्रभारी से रिपोर्ट भी मांगी है।