आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जगनेर में प्रीति हॉस्पिटल पर छापा मारा। संचालक अस्पताल का लाइसेंस नहीं दिखा पाया। यहां प्रसव भी कराए जाते थे, इसके लिए कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिला। अस्पताल में अवैध रूप से मेडिकल स्टोर भी संचालित मिला। दोनों को बंद कराते हुए संचालक के खिलाफ एफआईआर कराई है। पूर्व में भी अस्पताल को बंद कराया गया था।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों की शिकायत मिली कि बिना लाइसेंस के अस्पताल चल रहा है और यहां विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है और गर्भवती महिलाओं के प्रसव भी कराए जाते हैं। ऐसे में डॉ. जितेंद्र लवानिया को जांच के लिए भेजा।
टीम के छापे के वक्त संचालक रामप्रकाश और इसकी पत्नी प्रीति मिली। रामप्रकाश ने खुद को बीएएमएस डिग्रीधारक बताया। पत्नी पर कोई चिकित्सकीय डिग्री नहीं मिली। अस्पताल का लाइसेंस मांगा तो वह भी नहीं दिखाया। अस्पताल की जांच की तो यहां 4 बेड पड़े थे। नवजात के लिए वार्मर भी लगा था। कौन डॉक्टर प्रसव और इलाज करता है, इसकी जानकारी नहीं दे पाई। जानकारी मिली कि प्रीति ही प्रसव कराती है। थाना जगनेर में एफआईआर कराई है।
पूर्व में भी बंद कराया था हॉस्पिटल
स्वास्थ्य विभाग ने बीते दिनों भी प्रीति हॉस्पिटल पर कार्रवाई कर बंद कराया था। छापे के वक्त उस वक्त भी टीम को संचालक रामप्रकाश और उसकी पत्नी प्रीति मौके पर मिली थी। सीएमओ ने बताया कि पूर्व में अस्पताल बंद कराया था, इसने फिर खोल लिया। मुकदमा दर्ज कराया है।
बिना लाइसेंस मिला मेडिकल स्टोर
सीएमओ ने बताया कि अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर भी चल रहा था। यहां दवाएं बेतरतीब मिलीं। गंदगी थी। संचालक इसका लाइसेंस भी नहीं दिखा पाया। इसकी जानकारी औषधि विभाग को दे रहे हैं। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय का कहना है औषधि निरीक्षक भेजकर मेडिकल स्टोर की जांच कराएंगे।