आगरा में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने बच्चों की हालत बिगाड़ दी है। उल्टी-दस्त, बुखार और पीलिया के रोजाना 25 से 30 बच्चे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने पड़ रहे हैं। शरीर में पानी की कमी से इनके मुंह और आंख भी शुष्क हो गए हैं। चमड़ी बेजान हो गई है।
प्राचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन इमरजेंसी में आगरा के अलावा फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, मैनपुरी समेत आसपास के जिलों के भी बच्चे लू और डायरिया के आ रहे हैं। इमरजेंसी के 20 बेड और बाल रोग विभाग के 102 बेड करीब फुल चल रहे हैं। गर्मी को देखते हुए इमरजेंसी में 10 बेड और वार्ड में 20 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दवाओं का भी स्टॉक किया गया है।
आगरा पीडियाट्रिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि बीमार हो रहे बच्चों में से 70 फीसदी में उल्टी-दस्त, पेट में दर्द की समस्या मिल रही है। चिकित्सक की पूछताछ में अधिकांश मामलों में बताया गया कि बच्चे ने फास्ट फूड, दूषित पानी और बाजार में बिकने वाली पैकेट बंद सामग्री खाई। इससे पेट में इंफेक्शन होने से उल्टी दस्त हुए। लू लगने से बुखार भी आ रहा है। गर्मी और धूप में खेलने पर बच्चों को लू लगने के मामले भी बीते महीने के मुकाबले करीब ढाई गुना बढ़ गए हैं।
1 - खाने-पीने के मुकाबले उल्टी-दस्त अधिक होना।
1 - सुबह 10 बजे के बाद बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें।
2 - रसदार फल जैसे तरबूज, खरबूज, अंगूर, खीरा, ककड़ी खूब खिलाएं।
3 - हाई प्रोटीन वाला भोजन दें, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चार से पांच बार खाना खिलाएं।
4 - नींबू पानी, शिकंजी, छाछ, लस्सी नारियल पानी खूब पिलाएं।
5 - बाजार में गन्ने का जूस पिलाने, फास्ट फूड खिलाने से बचें।
6 - बासी भोजन और पहले से कटे-गले फल खिलाने से बचें।
7 - दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाते रहें।