आगरा मेट्रो की राह में जमीनों का रोड़ा फंस रहा है। तीन मेट्रो स्टेशन के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। ताजमहल स्टेशन के लिए शाहजहां गार्डन में अस्थायी भूमि मिली है, लेकिन वह स्थायी नहीं है। इसलिए उस पर भी निर्णय नहीं हो पा रहा। जमीन मिलने के इंतजार में काम अटका पड़ा है।
भूमिगत सेक्शन पर काम हुआ शुरू
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी. लंबे पहले कॉरिडोर पर काम कर रहा है। फतेहाबाद रोड पर तीन स्टेशन का एलिवेटेड सेक्शन 70 फीसदी पूर्ण हो चुका है। सात स्टेशन के भूमिगत सेक्शन पर काम शुरू हो चुका है। इनमें पहले ताजमहल, आगरा फोर्ट व जामा मस्जिद तीन स्टेशन तैयार होंगे। जामा मस्जिद व आगरा फोर्ट के लिए रक्षा संपदा विभाग से जमीन मिल गई है।
भूमि की हस्तांतरण प्रक्रिया अधर में
ताजमहल स्टेशन के लिए स्थायी भूमि की हस्तांतरण प्रक्रिया अधर में है। उधर, आगरा कॉलेज व आरबीएस कॉलेज प्रबंधन से स्थायी व अस्थायी दोनों तरह की भूमि नहीं मिली है। मेट्रो को इसका इंतजार है। राजामंडी की भूमि रेलवे से मिलनी है। जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह ने जमीनों की व्यवस्था के लिए सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिपाल सिंह चौहान की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि जमीनों का सर्वे व रिकार्ड जांच लिया है। जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
राज्य सरकार की जमीनें मुफ्त
यूपीएमआरसी को मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार की जमीनों के बदले कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। राज्य सरकार की जमीन मेट्रो के लिए मुफ्त मिलेगी। अन्य विभागों की जमीनों का पैसा देना पड़ेगा। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के अनुसार स्थायी जमीनों को मेट्रो सर्किल रेट पर खरीदेगी। अस्थायी उपयोग की भूमि के बदले सर्किल रेट की कुछ प्रतिशत धनराशि तय की जाएगी। यह एक तरह से किराया राशि होगी।
महुआखेड़ा में एडीए से मिली जमीन
महुआखेड़ा में भूमिगत सेक्शन के लिए कास्टिंग यार्ड बनाने को आगरा विकास प्राधिकरण ने सर्किल रेट से 0.4 फीसद पर करीब आठ हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई है। जमीन का समतलीकरण के बाद कास्टिंग यार्ड बनाने का काम शुरू हो चुका है। पहला कास्टिंग यार्ड बमरौली कटरा में बना है, जबकि दूसरा कास्टिंग यार्ड महुआखेड़ा में तैयार हो रहा है।