आगरा। पीआरडी जवानों का कूटरचित मस्टरोल पर हस्ताक्षर कर भुगतान करने के मामले में क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल के दो अधिकारी सुरेश प्रताप, माधुरी यादव और एक वरिष्ठ लिपिक आलोक माहेश्वरी को निलंबित कर दिया गया है। महानिदेशालय कार्यालय लखनऊ ने यह आदेश जारी किया है।
उप निदेशक युवा कल्याण विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि चार थानों मेें पीआरडी जवानों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर कूचरचित मस्टरोल तैयार कर मानदेय निकालने की शिकायत आई थी। अक्टूबर में चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई थी। उसमें पांच महीने तक लोहामंडी, किरावली, हरीपर्वत और महिला थाने में पांच से छह जवानों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर वेतन निकाला गया। उनकी उपस्थिति को थानेदारों की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर से सत्यापित करते रहे। इसी आधार पर फर्जी भुगतान किया गया। विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच नवंबर में पूरी कर रिपोर्ट लखनऊ महानिदेशालय भेजी गई। उसके बाद यह कार्रवाई की गई।
लखनऊ स्थित महानिदेशालय ने क्षेत्रीय युवा एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी सुरेश प्रताप, माधुरी यादव और वरिष्ठ लिपिक आलोक माहेश्वरी पर पीआरडी जवानों का भुगतान फर्जी मस्टरोल बनाकर हस्ताक्षर करने, वित्तीय दुर्विनियोग, विभाग के कामों में लापरवाही बरतने और अनियमितताएं बरतने पर निलंबन की यह कार्रवाई की है।