यह था पूरा मामला
अंजलि बजाज की नाबालिग बेटी की दोस्ती प्रखर से थी। मां ने जानकारी होने पर पाबंदी लगा दी थीं। सात जून को बेटी गुस्से में घर से निकल आई थी। बेटी को फोन मिलाया। बाद में बेटी के नंबर से उनके मोबाइल पर व्हाट्स एप मैसेज आया। बेटी ने मैसेज में लिखा कि वह वनखंडी मंदिर के पास है, जबकि वह वहां नहीं पहुंची थी। इस पर कारोबारी दंपती बेटी को तलाश करने मंदिर के पास पहुंचे थे। यहां छिपे हत्यारोपियों ने दोनों को अलग करने के लिए साजिश रची। पिता के पास बेटी के घर पहुंचने का मैसेज आया तो वह घर की ओर चल दिए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने चाकू से अंजलि की हत्या कर दी। शव को नाले में फेंकने का प्रयास किया। आठ जून को अंजलि का शव ककरैठा में जंगल में पड़ा मिला था।
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