मौके पर मौजूद पुलिस बल।
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पप्पू गाजी से 15 से 20 लाख की सुपारी तय की गई। इसके बाद पप्पू गाजी ने अपने शूटर भाई गुड्डू गाजी और एक अन्य योगेश उर्फ राजू निवासी कटरा ब्रह्मपुर बदायूं से आठ अगस्त को बॉबी की हत्या करा दी। घटना से दो दिन पहले शूटर को राज माहेश्वरी ने बॉबी जैन के सभी ठिकाने दिखा दिए थे।
पुलिस ने सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। शूटर के पास से 315 बोर का तमंचा बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने बताया कि वर्ष 2016 में बॉबी जैन व इंद्र कुमार दीक्षित उर्फ बंटी के बीच गुड्डू के गैराज पर झगड़ा हुआ। यह झगड़ा जुए के रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ था।
बॉबी ने किसी तरह एक घर में घुसकर अपनी जान बचाई थी, लेकिन इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी। बताया गया कि बंटी बाद में गुंजन के ग्रुप में शामिल हो गया।
सट्टे के वर्चस्व की लड़ाई में 15 अगस्त 2015 को गली शिवालय में सौरभ पुत्र महेश चंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सलीम पुत्र सद्दीक गोली लगने से घायल हुआ, लेकिन बॉबी बच गया था। इस हत्या में राज माहेश्वरी, उसका भाई व अन्य लोग शामिल थे।
परिजनों ने व्यापारियों संग जाम लगाया।
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बॉबी जैन की हत्या के मामले में शामिल शूटर व अन्य आरोपियों पर बदायूं, कासगंज, अलीगढ़ में आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी बंटी पर 4 मामले दर्ज हैं। जबकि राज पर 7 और योगेश पर 2 मामले दर्ज हैं।
सुपारी लेने वाले हिस्ट्रीशीटर आरोपी गाजी पर दिल्ली, बदायूं, कासगंज, सोरों सहित अन्य स्थानों पर 28 मामले दर्ज हैं। साजिश के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहित पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।
वही कासगंज में रेडीमेड व्यापारी बॉबी जैन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए व्यापारी मोहित उर्फ गुंजन के परिजनों ने व्यापारियों को एकत्र कर बारहद्वारी पर धरना देकर जाम लगा दिया।
अरोप लगाया कि मोहित को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। मोहित का इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है। इस दौरान लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश दिखाई दिया। धरने के दौरान मोहित उर्फ गुंजन की मां माधुरी ने आक्रोश जताते हुए गुंजन की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गुंजन परिवार के साथ 27 जुलाई को घूमने गया था। वह 10 अगस्त को लौटकर आया। जब गुंजन अपने परिजनों के साथ बाहर था तो वह साजिश में कैसे शामिल हो सकता है?
हवाई अड्डे और हवाई टिकट सहित तमाम साक्ष्य इस संबंध में मौजूद हैं। गुंजन ने किसी को सुपारी नहीं दी। वहीं स्वयं शूटर ने बताया है कि वह गुंजन को नहीं जानता। किसी भी तरह का कोई साजिश का साक्ष्य उनके बेटे के खिलाफ नहीं है। आखिर ऐसी स्थिति में उसे क्यों गिरफ्तार किया गया।
गुंजन की बहन नीलू, सोनी व अन्य परिजनों में भी आक्रोश था। वहीं अन्य कारोबारियों ने भी गुंजन की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप भी लगाया। बाजार में लोगों ने बारहद्वारी बाजार की दुकानें भी गिरफ्तारी के विरोध में बंद कर दीं।
लोगों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि निर्दोष मोहित उर्फ गुंजन को रिहा किया जाए। सीओ गवेंद्र गौतम ने परिवारीजनों को समझा बुझाकर शांत किया,
उसके बाद धरने से परिवार के लोग हटे।