तब आसपास के गांवों के लोग देखने आए थे आलू की खेती
खंदौली क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में चौधरी चेतराम सिंह ने वर्ष 1957 में आलू की पहली बार खेती की। इनकी चौथी पीढ़ी के यशपाल सिंह के अनुसार, बाबा ने बताया कि जब आलू की खेती शुरू की तो आसपास के गांव से लोग देखने आते थे। वर्ष 1970 में आसपास के अन्य गांवों में आलू की खेती होने लगी।
कभी नहीं रहा इतना भाव
खंदौली निवासी यशपाल सिंह ने कहा कि हमारे परदादा ने 30 बीघा आलू की खेती कर शुरुआत की। इसके बाद हमारे दादा ने खेती संभाली और अब पट्टे पर लेकर लगभग ढाई हजार बीघा पर आलू की खेती कर रहे हैं। तब से अब तक आलू का भाव इतना कभी नहीं रहा।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने कहा कि 1972 में हमारे दादा ने आलू की खेती शुरू की। आलू में अन्य फसलों के मुकाबले लागत अधिक है, हर साल लगभग आलू में घाटा ही उठाना पड़ता था। इस बार 4000 रुपये के भाव मिलने से पुराने घाटे की भरपाई हुई।