बरौली अहीर ब्लॉक के जिला पंचायत वार्ड संख्या दस की दो बार कराई गई पुनर्मतगणना का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो वोटों से चुनाव हारने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने मंगलवार को ही सवाल उठाया था कि उन्हें चुनाव आयोग का पुनर्मतगणना का आदेश क्यों नहीं दिखाया जा रहा है? बुधवार को इसकी जानकारी दी गई तो पता चला कि यह चुनाव आयोग का आदेश नहीं था। निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग से सिर्फ मौखिक परामर्श लिया था। आयोग ने कोई लिखित आदेश जारी ही नहीं किया।
इस पर विवाद इसलिए बना है क्योंकि जिला प्रशासन ने शुरू में दोबारा पुनर्मतगणना के लिए राज्य निर्वाचन आयोग का निर्देश बताया था। लेकिन गणेश यादव को आदेश की जो कॉपी दी गई है, वह चुनाव आयोग का नहीं, बल्कि निर्वाचन अधिकारी नगेंद्र शर्मा की है। इसमें प्रार्थना पत्र की वजह शिकायती प्रार्थना पत्र बताई गई है लेकिन शिकायतकर्ता के नाम और पते का उल्लेख नहीं है। अब सवाल उठता है कि सोमवार को जो पहली पुनर्मतणना हुई थी वह किसके आदेश पर हुई थी? इस सवाल के जवाब में निर्वाचन अधिकारी नगेंद्र शर्मा का कहना है कि पहली पुनर्मतगणना निर्वाचन अधिकारी विकास खंड बरौली अहीर के निर्देश पर हुई थी और दूसरी पुनर्मतणना निर्वाचन आयोग से परामर्श के बाद कराई गई थी। प्रशासन ने बुधवार शाम इसके आदेश की प्रति प्रत्याशी गणेश यादव को भी उपलब्ध करा दी है। वे इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। इसे अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।