मथुरा के छाता उप डाकघर से फर्जी टिकट मेल भेजने के मामले में निलंबित उप डाकपाल व क्लर्क से पूछताछ के बाद मुख्य डाकघर की जांच टीम ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इसके बाद भी टीम को डाक भेजने वाले व्यक्ति का पता नहीं चल सका। दोनों ही निलंबित कर्मचारी कुछ ज्यादा बताने से बच रहे हैं। अब इस प्रकरण की जांच सीबीआई की टीम करेगी, जिसमें कई स्तर से जांच होगी।
छाता उप डाकघर में निलंबित उप डाकपाल मदन लाल व क्लर्क मोहित ने मिलकर फर्जी टिकट के जरिए प्रतिदिन 1000 से 1500 डाक भेजी थी, दोनों ने मिलकर खूब फर्जीवाड़ा का खेल खेला। 1 जनवरी को प्रवर डाक अधीक्षक ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। जिससे डाकघर की जांच में यह कर्मचारी बाधा नहीं बनें, लेकिन जांच टीम को दोनों ही कर्मचारी कुछ ज्यादा नहीं बता रहे हैं।
स्थानीय डाकघर के अधिकारी कुछ बता नहीं रहे हैं। उधर विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि फर्जी टिकट से मेल भेजने की जांच सीबीआई करेगी। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर 2024 को बुलंदशहर के लखावटी डाकघर में फर्जी टिकट लगाकर मेल करने का भी मामला पकड़ा गया था। वहां डाकघर के कर्मचारी फर्जीवाड़े में शामिल मिले थे। डाकघर के निरीक्षण के दौरान डाक अधीक्षक ने इस मामले को पकड़ा था। जहां पर उप डाकपाल और बाबू के साथ चपरासी इस फर्जी टिकट की गड़बड़ी में निलंबित कर दिए गए थे।
लखावटी डाकघर की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसमें टीम ने दो करोड़ से अधिक के फर्जी टिकट का घोटाला पकड़ा था। अब मथुरा छाता उप डाकघर के तार बुलंदशहर से जुड़े होने की आशंका जताई है। यहां भी बाहरी व्यक्ति आकर डाक भेजता था। प्रवर डाक अधीक्षक विजेंद्र ने बताया कि जांच चल रही है अब कुछ बता नहीं सकते।