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बंदियों को मनपसंद संगीत सुनाएगा ‘जेल रेडियो’

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एटा। रेडियो जॉकी की तरह अब बंदी अपने साथियों के फरमाइशी गीतों प्रस्तुत करेंगे। जेल समाचारों में दिनभर के क्रियाकलापों, मुख्य घटनाओं एवं प्रेरक प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। जेल का अपना रेडियो स्टेशन होगा और प्रत्येक बैरक के बंदी अपने फरमाइशी गीतों का लुत्फ उठाएंगे। जेल में रेडियो के संचालन के लिए एक स्टूडियो तैयार किया जा रहा है। 10 जुलाई से जेल में इसकी शुरुआत हो जाएगी।
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विगत 12 वर्ष से बंदियों को जेल में सुधारने का बीड़ा उठाए सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप रघुनंदन ने अब एटा जेल के बंदियों को सुधारने की तैयारी की है। वह बंदियों के मानसिक परिवर्तन और उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए ‘जेल रेडियो’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने आरजे भी बंदियों में से ही तलाश किए हैं। रामदेव शास्त्री, जगपाल, प्रमोद, साहब सिंह, रंजीत कुमार सहित पांच बंदियों का चयन किया है। प्रत्येक दिन सुबह के समय प्रत्येक बैरक से बंदियों की मनपसंद फरमाइशों को लिया जाएगा। दोपहर के समय प्रत्येक बंदी की फरमाइश को सुनाया जाएगा। कारागार अधीक्षक पीपी सिंह ने कहा कि ‘जेल रेडियो’ की अभिधारणा बिल्कुल नई और अलग है। इसके लिए रघुनंदन बधाई के पात्र है, उन्होंने एटा जेल को चुना। निश्चित रूप से यह प्रयास बंदियों को निराशा व अवसाद से उभारकर उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। उन्होंने बताया जनपद को देश का पहला आईएसओ कारागार का गौरव दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
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