कासगंज। तहसील परिसर में किसानों और लेखपालों के बीच हुआ विवाद गहरा गया है। किसान और लेखपाल आमने सामने हैं। दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली पुलिस को अलग अलग तहरीर दी हैं। एक महिला किसान ने लेखपालों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
लेखपालों की ओर से दी गई तहरीर में लेखपालों का आरोप है कि किसानों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए मारपीट कर दी जिससे कई लेखपाल व राजस्व कर्मी घायल हो गए। लेखपालों को अपनी जान बचाना भारी पड़ गया। लेखपाल नरेश पाल सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर किसान नेता कुलदीप पांडे एवं उनके साथियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और लेखपालों के साथ मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि किसानों ने किसान नेता के भड़काने पर लेखपालों के साथ साथ कर्मचारी कल्याण निगम के प्रबंधक मुकेश वर्मा के साथ भी अभद्रता की। उन्हें कार्यालय बंद कर बाहर से ताले जड़ दिए। तहरीर में किसान गवेंद्र, दिनेश, छवेंद्र, रामवीर सिंह, अतर सिंह, बादाम सिंह, रामवीर सिंह, बृजेश कुमार, आशीष पांडे, सुजीत सत्यदर्शी, हवलदार, जमांदार, प्यारेलाल, शैलेंद्र, अतर सिंह, रामप्यारी, पूरन सिंह, भगवान सिंह, हुकूम सिंह, रामगोपाल, मुखिया, चंद्रपाल, बाबूराम, बलवीर सहित अन्य अज्ञात किसानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
वहीं बिरौंची महिला किसान राजनश्री ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर लेखपाल नरेश सिंह और उसके साथी होमन सिंह, नाहर सिंह आदि पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। मामले में मामुरगंज के ग्रामीण महाराज सिंह ने पुलिस को तहरीर दी है। उनका आरोप है कि वह अपने काम से तहसील गए थे। सभागार में कुछ किसानों ने उनके साथ मारपीट की।
- तहसील परिसर में किसानों के धरने पर रोक लगाई गई है। दोनों पक्षों से वार्ता की गई है। दोनों पक्षों ने कोतवाली को तहरीर दी हैं। मामले की जांच पड़ताल कराई जाएगी। योगेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी।