जो बेटी अपनी प्रतिभा से देश का नाम रोशन कर रही है, उसका गांव बिजली की रोशनी से महरूम है। बात हो रही है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य पूनम यादव की। आजादी के 70 साल बाद भी पूनम के गांव महुआहार में बिजली नहीं है।
गांव मैनपुरी के घिरौर कस्बा से दस किलोमीटर दूर है। वर्ल्ड कप फाइनल में रविवार को पूनम का खेल देखने के लिए गांव वाले घिरौर कस्बा आए। इस इलाके में होने वाले अपराध के चलते रात होते ही गांव लौटना पड़ा। रात में ट्रैक्टर की बैट्री से टीवी चलाया और मैच देखा।
पूनम मूल रूप से इस गांव की हैं, लेकिन काफी सिमय से परिवार के साथ आगरा की ईदगाह कालोनी में रहती हैं। पूनम विश्व क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रही हैं। विश्व कप के हर मैच में गांव वालों को घिरौर जाना पड़ा। रविवार को तो पूरे गांव में इसकी ही चर्चा थी की पूनम का मैच कैसे देखा जाएगा।
गांव के बेटे-बेटियां पढ़ाई तो लालटेन की रोशनी में कर लेते हैं लेकिन टीवी कैसे चलाया जाए, वह भी इतने लंबे समय के लिए। कई घरों में टीवी है लेकिन यह थोड़े समय के लिए ही चलता है। इसके लिए बैट्री का इस्तेमाल किया जाता है। फाइनल मैच के लिए गांव के लोग सुबह ही घिरौर पहुंच गए थे।
बुजुर्ग भी पहुंचे बेटी का मैच देखने
मैच देखा
- फोटो : अमर उजाला
गांव में रहने वाले पूनम यादव के चचेरे भाई हरेंद्र यादव ने बताया कि उनके साथ गांव के काफी लोगों ने घिरौर गांव में एक चायवाले की दुकान पर बैठकर मैच देखा। सबसे ज्यादा उत्साह युवाओं में था। खास बात यह थी कि कई बुजुर्ग भी ट्रै्क्टर से घिरोर पहुंचे। उन्हें क्रिकेट के बारे में खास जानकारी भी नहीं है लेकिन कह रहे थे, बिटिया खेल रही है, टीवी पर आ रही है, यह गर्व की बात है, जरूर देखेंगे।
पूनम यादव के पिता आरबी सिंह यादव ने बताया कि पूनम के साथ पूरा परिवार तीन साल पहले गांव गया था। उस समय पूनम बांग्लादेश के खिलाफ टूर्नामेंट खेलकर भारत लौटी थी। तो उन्होंने गांव जाने की ख्वाहिश रखी थी। भीषण गर्मी का समय था तो पूनम एक घंटे ही गांव में रुकी। और परिवार के लोगों से मिलकर वापस आगरा आ गईं।
मुलायम सिंह का संसदीय क्षेत्र रहा है मैनपुरी
मुलायम सिंह यादव
पूनम के परिवार के 50 से अधिक लोग रहते हैं। 500 से अधिक आबादी वाले इस गांव में 100 के लगभग घर हैं। गांव के लोगों ने बताया कि दुर्भाग्य है कि हमारी बेटी देश का नाम रोशन कर रही है, लेकिन हमारे गांव में रोशनी नहीं है। हम उसे टीवी पर खेलते हुए देखना चाहते हैं लेकिन नहीं देख सकते। गांव के युवक तो घिरौर जाकर मैच देख आते हैं लेकिन बुजुर्ग और गांव की लड़कियां इतनी दूर मैच देखने नहीं जा सकतीं। यह हाल तब है जबकि मैनपुरी पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र रहा है।