कासगंज। शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का संचालक नरवेश काफी शातिर दिमाग है। उसने न केवल अपने गिरोह के साथी महेश की हत्या कराई, बल्कि महेश की हत्या की राजदार गिरोह की सदस्य पूजा को भी हत्या का शिकार बना लिया। पूजा की हत्या के बाद वह पुलिस से बचने के लिए हरिद्वार भाग गया। यहां वह अपने आप को सुरक्षित मान रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह हर सात दिन में अपने मोबाइल का सिम कार्ड बदल देता था।
एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने सीओ अपराध दीप कुमार पंत, सीओ पटियाली आरके तिवारी, एसओजी के प्रभारी निरीक्षक छोटे लाल एवं सर्विलांस टीम के प्रभारी मुकेश कुमार को गिरफ्तारी की बागडोर सौंपी। पुलिस टीम ने हत्यारोपी डॉ. नरवेश की लोकेशन हरिद्वार में ट्रेस की तो पुलिस टीम गिरफ्तारी के लिए हरिद्वार पहुंची, लेकिन वह पुलिस को देखकर वहां फरार हो गया। हरिद्वार के बाद वह बदायूं आ गया। बदायूं आने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पटियाली इंस्पेक्टर जीपी सिंह, सुन्नगढ़ी के इंस्पेक्टर जैनुल हसन की टीम और सक्रिय की गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर बदायूं से नरवेश की गिरफ्तारी की।
ग्रामीण चिकित्सक के रूप में काम करता था नरवेश
कासगंज। एसओजी प्रभारी छोटे लाल ने बताया कि हत्यारोपी नरवेश ग्रामीण चिकित्सक के रूप में अपने गांव मईबूचल थाना अलाहपुर जनपद बदायूं में जाना जाता था। वह लोगों की चिकित्सा करता था।
पूजा के कंकाल का होगा डीएनए टेस्ट
कासगंज। एसओजी के प्रभारी इंस्पेक्टर छोटे लाल ने बताया कि पूजा का कंकाल बरामद किया गया है। इस कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पूजा के परिवार से संपर्क करने की पुलिस कोशिश कर रही है। जानकारी में आया है कि पूजा दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके की रहने वाली थी। वह विवाहित थी।
गले के कंकाल में लगी मिली दुपट्टे की गांठ
कासगंज। गंगा की खादर के सुन्नगढ़ी क्षेत्र इलाके में पुलिस के द्वारा पूजा का जो कंकाल बरामद किया गया है। उस कंकाल में गले की हड्डियों में दुपट्टा गांठ लगा मिला है।