ताजनगरी गुरुवार को देश का 16वां और प्रदेश का छठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। हवा और खतरनाक होते हुए इस सीजन के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 338 दर्ज किया गया।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने शुक्रवार को प्रदूषण स्तर और बढ़ने की आशंका जताई है। बेहद खतरनाक सूक्ष्म कणों पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और पीएम 10 की मात्रा 445 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गई है जो सामान्य से सात से आठ गुना ज्यादा है।
न्यूनतम स्तर भी 307 पर, धूलकण फुला रहे दम
अभी तक धूलकण पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 400 के पार था जबकि न्यूनतम स्तर 150 से 200 के बीच बना हुआ था लेकिन बृहस्पतिवार को धूल कणों की न्यूनतम मात्रा भी 307 पर पहुंच गई जो सामान्य से 5 गुना ज्यादा है।
यानी दिनभर धूल कण 5 से 8 गुना के बीच बने रहे। कोई समय ऐसा नहीं रहा जब हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई हो। जल निगम की ओर से की जा रही खोदाई में धूल नियंत्रण के उपाय न करने से शहर में यह हालात बिगड़े हैं।
प्रदेश में ऐसा है प्रदूषण का हाल
शहर - एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा - 412
बागपत - 403
नोएडा - 383
मुरादाबाद - 370
बुलंदशहर - 361
आगरा - 338
प्रदूषण तत्व - न्यूनतम - औसत - अधिकतम
कार्बन मोनो ऑक्साइड - 29 - 65 - 102
नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड - 25 - 86 - 146
ओजोन - 8 - 117 - 199
पीएम (2.5) - 307 - 349 - 445
सल्फर डाई ऑक्साइड - 3 - 46 - 90
प्रदूषण पर प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शहर में 48 घंटे में धूल नियंत्रण नहीं होने पर संबंधित विभाग व कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ जुर्माना नोटिस करने के आदेश उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए हैं।
गुरुवार को कलक्ट्रेट में बैठक कर डीएम ने 25 सबसे ज्यादा वायु प्रदूषित स्थानों की सूची सौंपते हुए एनएचएआई, एडीए, नगर निगम, जल निगम, सेतु निगम समेत कई विभागों को चेतावनी जारी की।
जिलाधिकारी ने इन स्थानों की निगरानी के लिए 25 नोडल अधिकारी भी नामित किए हैं। नोडल अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करेंगे। नोडल एजेंसी प्रदूषण बोर्ड होगा।