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देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा आगरा, एक्यूआई 458 पर, लोगों को सांस लेने में हुई तकलीफ

Mon, 09 Nov 2020 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • ताजनगरी की हवा में खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा रविवार को सामान्य से 47 गुना तक ज्यादा पहुंच गई, वहीं बेहद सूक्ष्म कण (धूल कण) सामान्य से 9 गुना ज्यादा रहे।
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आगरा में छाई धुंध (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण का स्तर रविवार को देश में सबसे अधिक हो गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 458 पर पहुंच गया। यह बेहद खतरनाक स्थिति है। चिकित्सकों ने बताया इससे कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। वहीं सुबह से लेकर रात तक धूल कणों की मात्रा 500 के आसपास ही बनी रही। इसकी बड़ी वजह शहर में 450 किमी सड़कों की खोदाई और धूल नियंत्रण के उपाय न किया जाना है। 

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आगरा में गैस चेंबर जैसी स्थिति शनिवार से लेकर रविवार तक रही। कॉर्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सबसे ज्यादा बढ़ी है। जहरीली गैसों की मात्रा में शनिवार को शाम 4 बजे के बाद एकाएक उछाल आना शुरू हुआ और देर रात 12 बजे धूल कणों की मात्रा 500 के पार पहुंच गई, जो रविवार को बनी रही। 


शहर में 450 किमी सड़कों की खोदाई चल रही है। इस कारण धूल उड़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में आगरा के बाद गाजियाबाद देश का दूसरा और भिवाड़ी तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में पांच शहर उत्तर प्रदेश के हैं।

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इन शहरों में सबसे जहरीली हवा

शहर    - एक्यूआई
आगरा   -  458
गाजियाबाद  -  456
भिवाड़ी  -  445
जींद  -   441
ग्रेटर नोएडा  -  440
कानपुर   -  436
बुलंद शहर -  435
गुरुग्राम  -  434

सभी विभागों को नोटिस दिए

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने बताया कि धूल कणों को रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने और नियंत्रण के अन्य कदम उठाने के लिए बोर्ड ने सभी विभागों को नोटिस जारी किए हैं। उनके खिलाफ पर्यावरण क्षतिपूर्ति की कार्यवाही की जा रही है। एनएचएआई पर लगा चुके हैं और जलनिगम पर लगाया जा रहा है। 

ऑड-ईवन लागू करें

टीटीजेड अथॉरिटी के सदस्य उमेश शर्मा ने कहा कि आगरा में ऑड-इवन शुरू होना चाहिए। जलनिगम, स्मार्ट सिटी, नेशनल हाईवे के काम तुरंत रोक देने चाहिए। ये धूल नियंत्रण के उपाय नहीं कर रहे। मेरी टीटीजेड अथारिटी चेयरमैन से गुजारिश है कि तुरंत मीटिंग बुलाएं और सख्ती से आरटीओ, जलनिगम, एनएचएआई के खिलाफ कार्रवाई करें। 
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