मैनपुरी। लोकसभा चुनाव में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कन्नौज से सांसद चुने जाने और उत्तर प्रदेश में सपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद करहल विधानसभा पर उपचुनाव की संभावना प्रबल हो गई है। सोशल मीडिया पर दावेदारों के समर्थकों के बीच राजनीति भी गरमा गई है। सपा और भाजपा दोनों ही पार्टियों से करहल विधानसभा को लेकर दावेदारों ने पहुंच बनाना शुरू कर दिया है।
करहल विधानसभा से वर्तमान में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव विधायक हैं। लोकसभा चुनाव में वे कन्नौज से सांसद चुने गए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में सपा ने 37 सीटें जीती हैं इसके बाद सपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिल्ली की राजनीति की जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जल्द करहल विधानसभा सीट से त्यागपत्र देंगे।
करहल विधानसभा पर उपचुनाव की प्रबल संभावना को देखते हुए यहां सपा और भाजपा दोनों ही दलों से दावेदारों ने शीर्ष नेतृत्व से पहुंच बनाना शुरू कर दिया है। यादव बाहुल्य करहल विधानसभा सीट पर सपा और भाजपा दोनों ही दलों से यादव दावेदारों की संख्या अधिक दिखाई दे रही है। सपा से वर्तमान में चार दावेदारों के नाम सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं जो सभी यादव हैं। वहीं भाजपा से पांच नाम सामने आए हैं इनमें तीन यादव शामिल हैं। संवाद
सपा से ये नाम आए चर्चा में
सोशल मीडिया पर वर्तमान में सपा से करहल विधानसभा के दावेदारों की सूची में दो नाम सबसे ऊपर हैं इनमें एक सैफई परिवार से पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव और दूसरे सैफई परिवार के रिश्तेदार पूर्व एमएलसी अरविंद यादव। दोनों के ही समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उनके प्रत्याशी बनाने की मांग सपा नेतृत्व से शुरू कर दी है। तीसरा नाम पूर्व विधायक सोवरन सिंह यादव का चर्चा में आया है। वहीं पुत्र द्वारा भाजपा से टिकट मांगने के बाद पूर्व एमएलसी सुभाष यादव का नाम भी दावेदारी में शामिल हो गया है।
भाजपा से टिकट के लिए इन लाेगों ने प्रयास किए शुरू
भाजपा से भी करहल विधानसभा से टिकट के लिए दावेदारों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर पांच नामों की चर्चा तेज हो गई है। इनमें मुलायम परिवार के दामाद अनुजेश प्रताप यादव, मुलायम के गुरु नत्थू सिंह यादव के पौत्र डॉ. धीरज यादव, करहल नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के दावेदार रहे सचिन वर्मा छोटू ,ब्राह्मण समाज के प्रमुख एवं वरिष्ठ नेता रमाकांत दुबे, प्रधान सुग्रीव यादव (दोस्तपुर बाले) शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इन पांच दावेदारों में से किसी एक दावेदार को करहल उपचुनाव के लिए भाजपा टिकट दे सकती है।