मैनपुरी। कार्यकर्ता और मतदाता ही एक राजनीतिक पार्टी को कभी अर्श पर पहुंचाते हैं तो कभी फर्श पर लाकर खड़ा कर देते हैं। ये बात सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अब बखूबी समझ चुके हैं। इसी के चलते मंगलवार को उन्होंने सैफई में मैनपुरी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर करहल सीट छोड़ने की अनुमति मांगी। हालांकि सभी ने एक स्वर में उनके निर्णय के साथ खड़े रहने की बात कही।
मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य, विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया और पूर्व विधायक राजकुमार यादव कार्यकर्ताओं के साथ सैफई पहुंचे। यहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में डिंपल की जीत के लिए पहले आभार व्यक्त किया। फिर उन्होंने सीट छोड़ने के संबंध में लोगों से उनके दिल की बात जानी।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा देश की तीसरे नंबर की पार्टी के रूप में सामने आई है। ऐसे में जिम्मेदारी बढ़ गई है। कन्नौज और करहल में से कहीं एक जगह से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने करहल सीट से इस्तीफा देने के लिए कार्यकर्ताओं से उनकी राय जानी। सभी ने एक स्वर में अखिलेश यादव के निर्णय के साथ खड़े रहने की बात कही। ऐसे में ये साफ हो गया है अखिलेश यादव करहल सीट से ही इस्तीफा देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मुलाकात भी की।
जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं ने एकमत होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ खड़े रहने की बात कही।