फिरोजाबाद जिले के जसराना ब्लॉक के गांव नगला रती में नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। गांव के बाहर ग्रामीणों ने बाकायदा बैनर लगाया है, जिस पर लिखा है कि हमारे गांव में किसी भी नेता का प्रवेश वर्जित है।
गांव नगला रती में तीन दर्जन से अधिक परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों की माने तो गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। गांव में खडंजा की हालत खराब हैं। आधा खंडजा हो गया है, जबकि आधे में ग्रामीणों ने खुद ही मिट्टी डलवाई है।
जलनिकासी न होने के कारण पानी खडंजा पर ही भर जाता है। गांव में विद्युत के पोल तो लगे हैं लेकिन बिजली ही नहीं आती है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत अन्य गांवों में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन पैसा देने के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है।
शौच को जाते हैं खेत में
ग्रामीणों को आज भी शौच के लिए खेतों में जाना पड़ता है। गांव के गौरव कुमार, भुवनेश कुमार भल्ला, शशांक, सिंकू, वीटू, कुलदीप, रिंकू, रामबेटी, कंठश्री, अनारकली, संतोश्री, सोनकली आदि ने कहा कि गांव में किसी भी दल के नेता को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
नगला रती की किरन देवी ने कहा कि गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। गांव में निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं है। जिसके कारण निकलने में काफी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में गांव में नरकीय हालात हो जाते हैं।
गौरव ने कहा कि गांव में कोई सरकारी शौचालय नहीं है। एक दो परिवारों ने अपने निजी शौचालय बनवा लिए हैं। लोग शौच करने के लिए खेतों में जाते हैं। जनपद ओडीएफ हो गया है और गांव के लोग खेतों में जाने को मजबूर हैं।
विकास होने पर डालेंगे वोट
भुवनेश कुमार भल्ला ने कहा कि गांव में विकास कार्य न होने पर पूरे गांव के युवाओं एवं महिलाओं ने गांव में नेताओं के न घुसने पर पाबंदी लगाई है। उन्होंने कहा कि आश्वासन नहीं विकास होने पर गांव के लोग वोट डालने जाएंगे।
वहीं, ग्राम प्रधान संगीता देवी ने कहा कि लोकसभा का चुनाव आने वाला है। इसी कारण गांव के कुछ युवकों ने बैनर लगा दिया है। पूरी ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। नगला रती में भी कार्य कराया जाएगा।