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जब थाने के मालखाने से बाहर आए हनुमानजी, जानें पूरा मामला

Sun, 14 Oct 2018 01:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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थाना के मालखाने में भगवान हनुमान की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में थाना न्यू आगरा के मालखाना में रखी हनुमानजी की प्रतिमा को लेकर शनिवार दोपहर बखेड़ा हो गया। राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों ने प्रतिमा को कैद करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में पुलिस ने आनन-फानन में प्रतिमा को मालखाने से बाहर थाने के मंदिर में स्थापित करा दिया। इस पर भी बात नहीं बनी। 

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कार्यकर्ताओं का कहना था कि बिना विधि-विधान के प्रतिमा को स्थापित नहीं किया जा सकता। बाद में पुलिस ने पूजा अर्चना की अनुमति दे दी। हालांकि पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्रतिमा को सुपुर्दगी में देने की बात कही। इस पर कार्यकर्ता शांत हुए।

दरअसल 11 अगस्त 2014 को दयालबाग के बृज विहार स्थित वैभव रेजीडेंसी में एक प्लाट में हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की जा रही थी। कॉलोनी के लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। इस पर पुलिस प्रतिमा को थाना पर ले आई। कुछ लोगों को पकड़ लिया। 
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इस मामले में बारहभाई गली, छत्ता निवासी दीपक खरे ने बलवा, गालीगलौज, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने आदि धारा में मुकदमा दर्ज कराया। हरी सिंह, सोबरन, मुकेश, रामभरत, राजू, रामवीर आदि को नामजद किया। पुलिस ने दो महीने बाद केस में चार्जशीट लगा दी।

स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को थाना न्यू आगरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसमें हनुमानजी की प्रतिमा को थाने के मालखाना में दिखाया गया था। मामले की जानकारी पर राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष गोविंद पाराशर कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। 

उन्होंने हनुमानजी की प्रतिमा को इस तरह रखने पर आपत्ति जाहिर की। पुलिस ने प्रतिमा को मालखाना से बाहर निकाल दिया और थाना परिसर में बने मंदिर
में स्थापित कर दी। प्रतिमा पर केस नंबर और धारा लिखी थी। मंदिर में दो प्रतिमाएं हो गईं। इस पर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति की। 

उनका कहना था कि प्रतिमा को इस तरह स्थापित नहीं किया जा सकता। प्रतिमा स्थापना विधि विधान किया जाना चाहिए था। हंगामे के बाद पुलिस ने पूजा पाठ की, अनुमति दे दी। इस पर कार्यकर्ताओं ने पूजा अर्चना की। माला पहनाकर प्रसाद का वितरण किया।
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कोर्ट की अनुमति से मिलेगी प्रतिमा

इंस्पेक्टर थाना न्यू आगरा आदित्य कुमार यादव ने बताया कि कार्यकर्ता प्रतिमा सुपुर्दगी में देने की मांग कर रहे थे। उनसे कहा गया कि केस प्रापर्टी को कोर्ट
की अनुमति के बाद ही लिया जा सकता है। इस पर सभी ने कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही प्रतिमा लेने पर सहमति जाहिर की।

- थाना न्यू आगरा के वर्ष 2014 के केस के संबंध में प्रतिमा को थाने में केस प्रापर्टी के रूप में रखवाया गया था। मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।
अभिषेक, एएसपी, सीओ हरीपर्वत
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