एडीजी ने प्रदेश स्तर पर पीआरवी ऑफ द डे का खिताब लेने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र दिए। निरीक्षण के दौरान एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी ट्रैफिक प्रशांत कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नेटवर्क में होगा सुधार
किसी घटना पर लोग सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल करते हैं। मगर, कई बार लोगों की शिकायत रहती है कि कॉल नहीं लगा। इस समस्या को दूर करने के लिए भी एडीजी असीम अरुण ने प्लान बनाया है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल नेटवर्क कंपनियों से बात की जा रही है। अभी तक कॉल विभिन्न कंपनियों की ओर से बीएसएनएल से ट्रांसफर होकर आती है। मगर, अब सीधे कंपनियों से पुलिस के पास आने पर विचार किया जा रहा है। एक कंपनी से वार्ता हो भी चुकी है। इससे कॉल सीधे आ जाएगी।
आगरा में 80 पीआरवी और 150 चीता मोबाइल हैं। कई पीआरवी पर 180 डिग्री कैमरे लगाए गए हैं। एडीजी ने बताया कि इन कैमरों से काफी फायदा मिला है। इनसे बवाल के दौरान आरोपियों को पहचानने में मदद मिली है।
यह है तैयारी
- मुख्यालय की तरह जनपद के कंट्रोल रूम को हाईटेक करने पर विचार।
- कंप्यूटरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी।
- जीपीएस से पीआरवी जुड़ी हैं। चीता मोबाइल और पुलिस के वाहन भी जुड़ेंगे।
- इन्हें कंट्रोल रूम में स्क्रीन लगाकर लोकेशन को देखा जा सकेगा।
- कंट्रोल रूम का भवन काफी बड़ा होगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- नए टेंडर में कई और चीजों को शामिल किया जाएगा, जिससे कंट्रोल रूम हाईटेक बन सके।