जगदीशपुरा क्षेत्र में 11वीं की छात्रा से दुष्कर्म की घटना को छेड़छाड़ में दर्ज किए जाने के मामले को आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने इसकी जांच के आदेश एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार दिए हैं। हालांकि इसकेबाद भी मंगलवार रात दो बजे तक केस दुष्कर्म की धारा में तरमीम नहीं किया गया था। न ही आरोपी गिरफ्तार किए गए।
आरोप छात्रा के स्कूल के चेयरमैन के बेटे सहित पांच युवकों पर है। पीड़िता के पिता का कहना है कि उनकी 17 वर्षीय बेटी घर के पास ही एक स्कूल में पढ़ती है। दो महीने पहले स्कूल में पढ़ने वाले गांव के युवक ने बेटी से जानपहचान कर ली। इसके बाद घर में फोन करने लगा।
बेटी ने मना किया, लेकिन माना नहीं। बाद में वह स्कूल के चेयरमैन के बेटे के साथ मिल गया। दोनों ने एक दिन नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दुष्कर्म किया। इस दौरान मोबाइल से फोटो खींच लिए।
युवक ने फोटो अपने दोस्तों को बांट दिए। मोबाइल पर भी भेज दिए। वह छात्रा को ब्लैकमेल करने लगे। उन्होंने भी दुष्कर्म किया। छात्रा ने एक महीने पहले अपने पिता को बताया। इस पर पिता ने थाना जगदीशपुरा में पांच आरोपियों के खिलाफ शिकायत की।
आरोप है कि पुलिस ने छेड़छाड़, पोक्सो एक्ट और जान से मारने की धमकी की धारा में ही मुकदमा दर्ज किया। किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। घटना के बाद से पीड़िता स्कूल नहीं जा पा रही है। आईजी ने बताया कि एसपी पूर्वी की जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इन सवालों के चाहिएं जवाब
1. आईजी का निर्देश है कि जांच में मालूम किया जाए कि क्या पीड़िता के पिता को डरा धमकाकर तहरीर को परिवर्तित कराया गया ताकि धाराओं का अल्पीकरण हो सके।
2. क्या आरोपी युवकों को हिरासत में लिया गया और फिर थाने से ही छोड़ दिया गया?
3. यह पूरा प्रकरण सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा की जानकारी में था या नहीं?
4. घटना को लगभग डेढ़ महीना बीत जाने पर भी कार्रवाई न किए जाने की क्या वजह रही?