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धर्मांतरण गिरोह: अब्दुल रहमान एक नहीं...कई लोग, रकम पहुंचाने का ऐसा तरीका; पुलिस भी नहीं जुटा पा रही जानकारी

Mon, 04 Aug 2025 09:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। पुलिस पूछताछ में कई चाैंकाने वाले राज खुले हैं। लेकिन रकम किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थी और तरीका क्या था, इसकी जानकारी जुटाने में पुलिस लगी हुई है। 
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धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। इसमें विदेशी फंडिंग से लेकर सामूहिक धर्मांतरण की योजना बनाने तक की पुष्टि हो चुकी है। मगर, गिरोह से जुड़े अन्य लोग अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं। दिल्ली के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान, एसबी कृष्णा उर्फ आयशा और रहमान कुरैशी के खातों की काॅल डिटेल भी निकाली गई है। उनके कई खाते और काॅल डिटेल में विदेशी नंबर की जानकारी मिली है। मगर, जिन खातों से रकम भेजी जा रही थी, उनकी फर्जी आईडी होने की वजह से पुलिस को जानकारी नहीं मिल पा रही है। कई नंबर पाकिस्तानी हैं।
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मार्च में सदर की रहने वाली सगी बहनें लापता हुई थीं। उन्हें 18 जुलाई को पुलिस ने बरामद किया था। वह धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के चंगुल में फंस गई थीं। इसके बाद पुलिस ने 14 लोगों को पकड़ा था। पुलिस की पड़ताल में पता चला था कि दिल्ली के मुस्तफाबाद का अब्दुल रहमान गिरोह के लिए फंडिंग करता था। गिरोह की सदस्य आयशा रुपयों को अपने एजेंटों तक पहुंचाती थी। सराय ख्वाजा का रहमान कुरैशी फलस्तीन के लिए फंड जुटा रहा था। वह अपने यूट्यूब के माध्यम से युवक और युवतियों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहा था।
 

तीनों के बैंक खातों और मोबाइल की काॅल डिटेल की पुलिस ने जांच की है। आरोपियों के खातों में रकम आने के बाद कई अन्य खातों में जमा भी की जाती थी। पुलिस यह पता कर रही है कि यह खाते किसके हैं। इसके अलावा कई नंबर भी मिले हैं। इनमें पाकिस्तान के नंबर भी शामिल हैं। यह काैन लोग हैं? गिरोह में अब्दुल रहमान जैसे और कितने लोग हैं? इन सबकी जानकारी जुटाई जा रही है। मगर, नंबर विदेशी होने के कारण पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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कई सवालों के नहीं मिले जवाब
पुलिस ने भले ही 14 से अधिक लोग पकड़ लिए। उनसे कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। मगर, अब भी कई सवालों से पर्दा नहीं उठ सका है। आरोपियों के पास हवाला के माध्यम से रकम आती थी। यह उन तक काैन पहुंचाता था? कई और गिरोह में शामिल हैं। पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। युवतियों को धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करने में कई कश्मीरी युवतियों के नाम आए थे। वे युवतियां काैन हैं? उनकी गिरफ्तारी कब तक होगी? यह सवाल अब भी बरकरार हैं।



 
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