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पुलिस ने रुकवाया हिंदू जागरण मंच का धार्मिक कार्यक्रम, कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा, नारेबाजी

Sun, 09 Aug 2020 09:13 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमान जी मंदिर पर चालीसा पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया
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पुलिस से बहस के बीच हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र में रविवार को यमुना किनारे पसीना वाले हनुमान मंदिर पर हनुमान चालीसा का पाठ और प्रसाद वितरण कार्यक्रम को रोकने पहुंची पुलिस का हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों से विवाद हो गया। 

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आयोजन में खलल डालने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रसाद ग्रहण कर रहीं महिलाओं को खाने के दौरान बीच में उठाने और अभद्रता का आरोप भी पुलिस पर लगाया। करीब आधा घंटे तक हंगामा होता रहा। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक हुई।


संगठन के कार्यकर्ताओं ने रविवार दोपहर यमुना किनारे स्थित पसीना वाले हनुमान मंदिर पर पौधरोपण और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन रखा था। इसके बाद दाल-बाटी-चूरमा का प्रसाद वितरण हुआ। दोपहर करीब डेढ़ बसे थाना प्रभारी बसई मोहम्मदपुर सारदेव सिंह और सीओ सदर हीरा लाल कनौजिया वहां पहुंचे। 

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लॉकडाउन के बावजूद जुटे थे लोग

उन्होंने लॉकडाउन में बिना अनुमति के आयोजन करने पर आपत्ति जताई और कार्यक्रम रुकवा दिया। इसका कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गेश कुमार वर्मा ने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा था। 

महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर रही थीं। अभद्रता करते हुए उन्हें बीच में ही उठा दिया। पौधरोपण के लिए अधिकारी भी आमंत्रित किए थे। इस दौरान महानगर अध्यक्ष मेघेंद्र प्रताप सिंह चौहान, महानगर उपाध्यक्ष प्रशांत माहेश्वरी, आरएसएस के गोरक्षा प्रमुख रमाकांत उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

एसएचओ सारदेव सिंह का कहना है कि कई लोगों के एकत्रित होकर आयोजन की सूचना पर पुलिस गई थी। कोई विवाद नहीं हुआ। लोगों को समझाया तो लोग मान गए।  

सीओ सदर हीरालाल कनौजिला ने कहा कि वीकेंड लॉकडाउन लागू है। फिर भी 50-60 लोग एक जगह एकत्रित होकर आयोजन कर रहे थे। आयोजन के लिए पहले से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। महिलाओं से कोई अभद्रता नहीं की गई है। बाद में लोगों को समझा दिया था। 
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