आगरा जिले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन का अभियान शुरू किया है। इसमें जिले के सभी 1200 हिस्ट्रीशीटरों के घर-घर जाकर पुलिस उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी करेगी। अभियान में 4000 सिपाहियों को लगाया गया है। इससे हिस्ट्रीशीटरों का अपडेट डाटा तैयार किया जाएगा। इसका मकसद अपराधियों की निगरानी बढ़ाना है।
लोकसभा चुनाव-2019 से पहले भी इसी तरह का अभियान चला था। अब मालूम किया जाएगा कि तब से अब तक कितने हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है? इनके खाके (रिकॉर्ड) बंद किए जाएंगे। जो मकान बदल चुके हैं, उनके नए पते दर्ज किए जाएंगे।
जो जिला छोड़कर चले गए हैं, उनकी जानकारी उस जिले की पुलिस को भेजी जाएगी, जहां वे गए हैं। यह भी जानकारी मिलेगी कि दो हजार में से कितने हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं, कितने बाहर हैं और कितने सक्रिय हैं?
शाहगंज में सबसे ज्यादा हिस्ट्रीशीटर
शहर में सबसे ज्यादा हिस्ट्रीशीटर शाहगंज थाना क्षेत्र में हैं। इनकी संख्या 98 है। न्यू आगरा और हरीपर्वत में हिस्ट्रीशीटरों की संख्या 50 से ज्यादा है। पुलिस रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा सुपारी किलर भी शाहगंज हैं। जालसाज और ठग हरीपर्वत क्षेत्र में ज्यादा हैं।
पिछले दो सालों में पुलिस ने शराब माफिया, जालसाज, आईपीएल सटोरियों की हिस्ट्रीशीट सबसे ज्यादा खोली है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के लिए अभियान शुरू किया गया है। जो सक्रिय मिलेंगे, उनकी निगरानी बढ़ाई जाएगी, जो मर चुके होंगे, उनके खाके (रिकॉर्ड) नष्ट कराए जाएंगे।
फिरोजाबाद के अपराधी भी बरपा रहे कहर
पुलिस रिकार्ड में रजिस्टर्ड 77 गिरोह में से पांच अंतरराज्यीय, तीन अंतरपरिक्षेत्र और 68 जनपद में ही सक्रिय हैं। बाहर के जनपदों से आ रहे गिरोह में सबसे ज्यादा फिरोजाबाद के हैं। इनमें पहले नंबर पर बॉक्सर गैंग है जो लूटपाट करता है। हाथरस के गिरोह भी यहां सक्रिय हैं। बर्खास्त सिपाही विनोद जाट के गिरोह ने कई वारदात की हैं। सोनीपद, धौलपुर, भरतपुर के गिरोह भी वारदात कर रहे हैं।
मथुरा से आ रहे पॉकेटमार गिरोह
भगवान टॉकीज से बिजलीघर तक सिटी बस के सफर में ऐसा कोई दिन शायद ही जाता हो जब किसी की जेब न कटती हो। जेबकतरों केगिरोह में महिलाएं भी हैं। इनमें ज्यादातर मथुरा से आती हैं। हरीपर्वत, न्यू आगरा, सदर बाजार थाना पुलिस ने इनमें से 10 से ज्यादा को दो साल में गिरफ्तार किया है। हरीपर्वत क्षेत्र की गिहारा बस्ती के जेबकतरे भी बदनाम हैं।