धर्मांतरण प्रकरण में फरार आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि की गिरफ्तारी के लिए मंडल के जिलों की खाक छान रही पुलिस को कोर्ट से कुर्की का प्रार्थना पत्र खारिज होने से झटका लगा है। स्पेशल सीजेएम कृष्ण चंद पांडेय ने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। इसलिए अभी धारा 82 की कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है। पुलिस का कहना है कि आगामी दिनों में कोर्ट से आदेश मिलते ही नोटिस चस्पा कर दिया जाएगा। उधर, डीआईजी लक्ष्मी सिंह से मुलाकात कर भाजपाइयों ने मुकदमे की धाराओं पर सवाल उठाया है।
बता दें, देवरी रोड स्थित वेद नगर की बस्ती में आठ दिसंबर को 37 मुस्लिम परिवारों के धर्मांतरण पर उठे विवाद के बाद से ही पुलिस नंदकिशोर वाल्मीकि की तलाश में जुटी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनामी राशि पांच हजार से बढ़ाकर 12 हजार कर दी गई। सदर पुलिस ने सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपील की कि नंद किशोर की गिरफ्तारी के लिए उसके घर की कुर्की की कार्यवाही करना आवश्यक है। धारा 82 के नोटिस के लिए आदेशित किया जाए। कोर्ट ने यह पत्र खारिज कर दिया है। उधर, सोमवार को डीआईजी से मिले विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने बस्ती के ठेकेदार इस्माइल द्वारा दी गई तहरीर को आधार बनाकर मुकदमे की धाराओं पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तहरीर में न तो छल व लालच और न ही धार्मिक उन्माद का आरोप बनता है।
...तो दर्ज होगा एक और मुकदमा
सीओ असीम चौधरी ने बताया कि आदेश मिलते ही कुर्की नोटिस चस्पा किया जाएगा। यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं होता है तो उसके खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवमानना का एक और मुकदमा दर्ज किया जाएगा।