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सत्ता की हनक के आगे पुलिस नतमस्तक, युवकों को भेजा जेल, विधायक का ऑडियो वायरल

Fri, 02 Nov 2018 09:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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विधायक की गाड़ी से हुई टक्कर के मामले में जेल भेजे गए तीनों युवक - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के खंदौली थाना में तीन दिन से अवैध हिरासत में रखे गए तीन युवकों को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट के सामने पेश कर दिया। इन्हें जेल भेज दिया गया। इनकी गाड़ी की टक्कर कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र से भाजपा विधायक विनोद कटियार से हो गई थी। 
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हादसे में ये तीनों युवक घायल हुए थे, लेकिन भाजपा विधायक की तहरीर पुलिस ने इन पर ही जानलेवा हमला की धारा 307 लगा दी। इसके साक्ष्य न मिलने पर भी इनकी गिरफ्तारी इसी धारा में की गई।

हादसा 30 अक्तूबर को यमुना एक्सप्रेस वे पर खंदौली टोल प्लॉजा पर हुआ था। विनोद कटियार नोएडा से कानपुर जा रहे थे। उनकी कार में एक अन्य कार टकरा गई थी। हादसे में विधायक समेत उनकी गाड़ी में मौजूद लोग सुरक्षित बच गए थे।
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चार युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

जो कार विधायक की कार से टकराई थी, उसमें सवार नेहरू गार्डन गाजियाबाद निवासी आकाश दीक्षित, रोहित और राजू को हल्की चोटें आई थीं। उनका उपचार टोल प्लाजा पर स्थित हॉस्पिटल में किया गया था।

भाजपा विधायक की तहरीर पर पुलिस ने आकाश दीक्षित, रोहित, राजू और गाड़ी मालिक ललित को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कर ली। इन पर जानलेवा हमले का आरोप लगया गया है। 

गाड़ी मालिक हाथ नहीं आया। अन्य तीन को पुलिस ने तीन दिन थाने में रखा। इस करतूत की खबर मीडिया में आई तो आनन फानन में शुक्रवार दोपहर को तीनों को थाने से ले जाकर कोर्ट में पेश कर दिया। वहां से जेल भेज दिया।

विधायक पर 1.5 लाख रुपये मांगने का आरोप

जेल भेजे गए युवकों में शामिल आकाश के परिजनों ने खंदौली थाना परिसर में ही मीडिया के सामने एक ऑडियो रखा। यह हादसे के बाद विधायक और उनके बीच फोन पर हुई बातचीत का बताया गया है। 

आकाश के परिजनों का कहना है कि विधायक विनोद कटियार ने दुर्घटना से हुए नुकसान के एवज में डेढ़ लाख रुपये देने की मांग की थी। धमकी दी थी कि रकम नहीं मिलने पर तीनों युवकों को जेल भिजवा दिया जाएगा। 

आकाश की मां का कहना था कि उनके पति बीमार हैं। उपचार के लिए भी पैसा नहीं है, कर्ज लेना पड़ रहा है। इतने पैसे विधायक को कैसे दे सकते हैं। उन्होंने विधायक से प्रार्थना की थी कि उन पर तरस खाएं, लेकिन विधायक नहीं माने। पुलिस को भी बताया लेकिन पुलिस तो सुनने को भी तैयार नहीं थी। उधर, हादसे के बाद से ही विधायकमीडिया का सामना करने से बच रहे हैं। 
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सीसीटीवी फुटेज को जांच में नहीं किया शामिल

यह हादसा खंदौली टोल प्लाजा पर हुआ। वहां अच्छी गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनकी फुटेज मौजूद है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि यह हादसा अचानक हुआ। यह भी स्पष्ट है कि मामला साजिशन नहीं है। न ही किसी को जान से मारने की कोशिश है। 

इतना ही नहीं, भाजपा विधायक के अलावा दूसरी गाड़ी में तीन ही युवक नजर आ रहे हैं। कार मालिक ललित इनमें शामिल नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने उसे मुकदमे में नामजद किया। उसका नाम नहीं निकाला।

इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि मेरे संज्ञान में यह मामला शुक्रवार को ही आया है। अगर जानलेवा हमले की धारा गलत लगी है तो इसे हटा दिया जाएगा, जांच चल रही है, साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी, जो धारा बन रही है, वही लगाई जाएगी। 

उधर, खंदौली थाना प्रभारी प्रशांत त्यागी ने कहा कि वो तो वीआईपी ड्यूटी में लगे थे। उन्हें पता ही नहीं चला कि विवेचना अधिकारी ने कब पर्चा काट दिया और कब आरोपी जेल चले गए। थाना प्रभारी ने अब जांच में सब ठीक कराने की बात कही है। 
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