फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फौजी के भाई ने सेना में भर्ती कराने का लिया था ठेका, पूछताछ में आरोपी अभ्यर्थियों ने किया खुलासा

Sat, 25 Jul 2020 12:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • फर्जी दस्तावेज से भर्ती होने वाले इटावा के युवक ने दी थी रकम
  • पुलिस ने तीनों आरोपियों को भेजा जेल   
विज्ञापन
पकड़े गए तीनों आरोपी अभ्यर्थी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा की थाना सदर पुलिस ने फर्जी दस्तावेज लगाकर सेना में भर्ती होने वाले तीनों आरोपी अभ्यर्थियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया। पूछताछ में इटावा के अभ्यर्थी ने बताया कि सेना में नायक एक व्यक्ति के भाई को दस्तावेज सत्यापन कराने के लिए ढाई लाख रुपये में ठेका दिया था। बुलंदशहर के दोनों आरोपियों ने 1500 और 3500 रुपये देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए थे। 

विज्ञापन


पुलिस ने गुरुवार को बुलंदशहर निवासी हरकेश सिंह, आदेश कुमार और इटावा की जसवंत नगर तहसील स्थित नगला गड़रियान निवासी हरिओम को गिरफ्तार किया था। तीनों ने इटावा में हुई सेना भर्ती में भाग लिया था। इसमें फर्जी दस्तावेज लगाए थे।


संबंधित खबर- आगरा: फर्जी निवासी प्रमाणपत्र लगाकर सेना में भर्ती हुए तीन युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज
विज्ञापन

 

उनको दौड़, शारीरिक मानक परीक्षा और मेडिकल के बाद नियुक्ति कर ट्रेनिंग पर जाना था। तीनों को दस्तावेज सत्यापन में भर्ती अधिकारी ने पकड़ लिया था। उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

नवंबर में दी थी रकम

थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार के मुताबिक, आरोपी हरिओम ने पूछताछ में बताया कि उसने जाति, मूल निवास, चरित्र और अविवाहित प्रमाणपत्र जसवंत नगर तहसील की जगह तहसील इटावा से बनवाए थे। सेना के ही नायक शैलेंद्र कुमार के भाई इटावा के थाना सिविल लाइंस के मोहल्ला रणवीर नगर निवासी विवेक से संपर्क किया था। उसे ढाई लाख रुपये सात नवंबर, 2019 को दिए थे। उसने कहा था कि प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा देगा। पुलिस विवेक की तलाश कर रही है। 

1500 रुपये में बनवाए प्रमाण पत्र 

आरोपी हरकेश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वो बुलंदशहर में खुर्जा तहसील का रहने वाला है, जबकि जाति, निवास, चरित्र और अविवाहित का प्रमाणपत्र भरथना तहसील से बनवाए थे। इसके लिए गौतमबुद्ध नगर के जेवर के रहने वाले सुमित ने 1500 रुपये लिए थे। आधार कार्ड को पंजाब नेशनल बैंक में बदलवाया था। इसके लिए मूल निवास प्रमाणपत्र की प्रति दी थी। 

बैंक में प्रमाणपत्र लगवाकर बदलवाया पता 

पुलिस की पूछताछ में आदेश कुमार ने बताया कि उसने अपने प्रमाणपत्र 3500 रुपये देकर बुलंदशहर के गांव सैदपुर निवासी सचिन से बनवाए थे। ये एटा तहसील के थे। आधार कार्ड बदलवाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में प्रार्थनापत्र दिया था। इसके लिए फर्जी पते पर बने निवास प्रमाणपत्र को लगाया। पता राम नगर, रुस्तमगढ़, एटा करवा लिया था। 
विज्ञापन

नौ और अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध 

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों की मदद से सेना में भर्ती कराने का ठेका लेने वाले गैंग के सरगना राकेश चौधरी के पकड़े जाने के बाद सैन्य भर्ती बोर्ड के अधिकारियों से जानकारी साझा की गई थी। इसमें हाल में हुई भर्ती के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापित करने के लिए कहा था। 

भर्ती अधिकारियों ने 12 के दस्तावेज संदिग्ध पाए। क्योंकि अभ्यर्थी ऐसे थे, जिन्होंने पढ़ाई के जो दस्तावेज लगाए थे, वो निवास प्रमाणपत्र से अलग जिले के थे। इससे शक हो गया। नौ और अभ्यर्थियों को नियुक्ति पर आना है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी। 

प्रतिस्पर्धा कम होने का उठा रहे थे फायदा 

अभ्यर्थियों ने पूछताछ में बताया कि इटावा की भर्ती में प्रतिस्पर्धा कम थी। यहां अभ्यर्थी कम आते हैं। इसलिए यहां से भर्ती होने का फैसला लिया था। दस्तावेज भी फर्जी बनवा लिए थे। मगर, यह नहीं पता था कि नियुक्ति के दौरान पकड़े जाएंगे।

संबंधित खबर- 200 युवाओं को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर बना 'करोड़पति', अब पहुंचा सलाखों के पीछे
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें