यह साफ या शोधित ऑयल बड़ी मशीनों के कल पुर्जों में काम आता है। मगर, इसकी खपत कम है। कीमत भी ज्यादा नहीं मिलती है। इसलिए नकली इंजन ऑयल का कार्य करने वाले सीमा ऑयल फैक्टरी से खराब आयल खरीदते थे। इसके बाद नामी कंपनी के डिब्बों में पैक कर देते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी बिल की मदद से ऑयल को बाजार में लेकर जाते थे। इस ऑयल को दुकानदार कम कीमत पर खरीदते हैं।
इसके बाद ग्राहक को बाजार की कीमत पर ही बेचा जाता है। इससे एक तरफ ग्राहकों की गाड़ियों को नुकसान होता है, वहीं कंपनी के माल की खपत भी कम होती है। पुलिस ने सीमा फैक्टरी के मालिक अजय गर्ग को भी पकड़ा है। पिछले दिनों खंदौली में सारिक की फैक्टरी पकड़ी गई थी। उसमें भी खराब आयल को अजय गर्ग ही उपलब्ध कराता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कलाल खेरिया निवासी विनोद को पकड़ा है। उसके पास से नकली मोबिल ऑयल की 32 पेटी बरामद की हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी पंकज कुशवाहा, हींग की मंडी निवासी सादिक, जीन खाना निवासी नदीम, यमुना ब्रिज निवासी साबिर, मंटोला निवासी अमान, इसलाम नगर निवासी रिहान, कासिम, मोनू, पाय चौकी निवासी सोहिल, कमला नगर निवासी अजय गर्ग और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।
यह आरोपी फरार
पुलिस ने बताया कि गुलाबखाना, छत्ता निवासी जीशान फरार हैं। उसकी तलाश की जा रही है।
यह हुई बरामदगी
70 पेटी इंजन ऑयल, पांच भरे ड्रम, दो ड्रम आधे भरे, एक आधा कटा ड्रम, एक होज पाइप, एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन ढक्कन लगाने वाली, 500 ढक्कन कैस्ट्राल, 500 ढक्कन हीरो, 25 पेटी हीरो फोर टी प्लस, 90 रैपर सीट हीरो फोरटी कंपनी, एक टेंपो, एक कीप बरामद हुए।
जीन खाना में होता था काम
शहर के छत्ता स्थित जीन खाना में नकली मोबिल ऑयल का कारोबार बड़े पैमाने पर होता था। एक साल पहले पुलिस ने इस इलाके में छापा मार कार्रवाई की थी। इसके बाद पुलिस ने नकली इंजन ऑयल और पैकिंग मैटेरियल बनाने की दस फैक्टरी पकड़ी थीं। यह कार्रवाई एत्माद्दौला, छत्ता, ताजगंज, खंदौली इलाके में की गई थी। पुलिस ने 50 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि नकली का कारोबार करने वालों की सप्लाई चेन को तोड़ा जाएगा। नकली ऑयल बनाने वाले, बेचने वाले और खरीदने वाले दुकानदारों को जेल भेजा जाएगा। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति को चिह्नित करके जब्तीकरण किया जाएगा।