आगरा के नगला बिहारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता विजय वर्मा के गोदाम पर छापा मारकर पुलिस ने 60 लाख रुपए की अवैध शराब और एल्कोहल के ड्रम बरामद किए। दो गाड़ियां भी मिलीं, जिनसे शराब कहीं और ले जाने की तैयारी थी।
विज्ञापन
पुलिस ने बड़ी संख्या में रेपर, ढक्कन और खाली बोतल बरामद की हैं। हरियाणा की शराब को उत्तर प्रदेश के मार्का में बदला जा रहा था। शराब व्यवसायी देवेंद्र उर्फ गार्गी, भाजयुमो नेता सहित पांच नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर थाना एत्माद्दौला ने बताया कि नगला रामबल में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार की रात को मुखबिर से सूचना मिली कि नगला बिहारी में भी अवैध शराब का गोदाम संचालित हो रहा है।
विज्ञापन
बंद गोदाम में हो रहा था धंधा
इस पर पुलिस ने गोदाम की तलाश शुरू कर दी गई। बुधवार की दोपहर नगला बिहारी में विजय वर्मा के गोदाम पर छापा मारा गया। गोदाम पर ताला लगा था। ताला तोड़कर पुलिस अंदर गई। गोदाम में कई कमरे बने हुए थे।
यहां पर दो पिकअप गाड़ी में शराब की पेटी मिलीं। इसके अलावा गोदाम में भी शराब रखी हुई थी। चार हजार पौवे देसी शराब के मिले। शराब में हरियाणा की एपीसोड ब्रांड के 15 कार्टून और इम्पैक्ट ब्रांड के 50 कार्टून, अरुणाचल प्रदेश के हाईटाइम ब्रांड था।
देसी शराब की हाईटाइम की बोतल से फाइटर और मस्ती ब्रांड बनाया जा रहा था। खाली बोतल, रेपर, ढक्कन मिले। शराब को यूपी मार्का में तब्दील किया जा रहा था। इसके अलावा 43 ड्रम में एल्कोहल बरामद हुई। इससे भी शराब बनाने की पुष्टि हुई है।
60 लाख की अवैध शराब बरामद
इंस्पेक्टर ने बताया कि तकरीबन 60 लाख की अवैध शराब, एल्कोहल बरामद हुआ है। इसके अलावा पैकिंग मिली है। इस मामले में विजय वर्मा, नाई की मंडी के देवेंद्र गार्गी, गिरीश शिवहरे, रोहतक (हरियाणा) के अरुण और डौकी के गोविंद के खिलाफ धोखाधड़ी, आबकारी अधिनियम सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
विजय वर्मा भारतीय जनता युवा मोर्चा को पूर्व मंडल अध्यक्ष बताया गया है। देवेंद्र गार्गी के शराब के कई ठेके हैं। यह शराब उसके ठेकों पर सप्लाई होने की जानकारी मिली है। लेबल बदलकर बेचा जा रहा था।
पुलिस के छापे के बाद व्हाट्सएप पर एक एग्रीमेंट की कॉपी आई। इसमें विजय वर्मा के भाई द्वारा किसी अरुण नाम के व्यक्ति के नाम पर एग्रीमेंट करने की बात कही गई। किरायारनामा पर14 जुलाई की तारीख लिखी हुई है।
यह वही अरुण है, जिसका नाम नगला रामबल में नकली शराब की फैक्ट्री में सामने आया था। अरुण के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वो मजदूरों को लेकर आया था। पुलिस का कहना है कि यहां से एल्कोहल को नकली शराब फैक्ट्री में सप्लाई करने की आशंका है। हालांकि अभी जांच की जा रही है।
गोदाम में अवैध तरीके से संचालित थीं भट्ठी
गोदाम में अवैध शराब सहित दो और काम किए जा रहे थे। बेकार प्लास्टिक को भट्ठी से गलाकर दाना बनाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसे संचालित करने के लिए प्रदूषण विभाग की अनुमति आवश्यक है। इसके अलावा सॉलिड बायो फ्यूल के कट्टे भी रखे हुए थे। हालांकि यह किसी नमकीन बनाने वाले के हैं। पुलिस जांच कर रही है।