सौरभ विजय के मकान में कोने में बनी एक दुकान किराये पर लेकर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उस दुकान को खाली कराने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। इस विवाद को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। घटना के संबंध में लोगों से जानकारी की गई।
पीड़ित व्यापारी का मुकदमा लिखने के लिए 24 घंटे तक टहलाने वाली पुलिस ने 48 घंटे में किरायेदार व उसके 5-6 साथियों के साथ घर में घुसकर मारपीट के आरोपों को निराधार और असत्य बता दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से दावा किया कि विजय अग्रवाल व उनके परिजन ने मिलकर सौरभ को दुकान के सामने से सड़क से खींचकर अपने घर में ले जाकर मारपीट की। वहीं, महिलाओं को चोट गिरने से आई हैं।
सौरभ वर्मा की ओर से भी मारपीट और बंधक बनाने के संबंध में सूचना दी है। घटना की जांच थाना हरीपर्वत पर तैनात निरीक्षक अपराध रवींद्र कुमार राठी ने की। इसके बाद दोनों ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराई गई। सिटीजन चार्टर के दृष्टिगत पुलिस की ओर से सार्थक प्रयास यह किया गया कि किसी के खिलाफ कोई गलत मुकदमा न लिखाया जाए। इस कारण से किरायेदारी के विवाद की पृष्ठभूमि की जांच करते हुए विधिक कार्रवाई की गई। साक्ष्य संकलन कर अग्रिम कार्रवाई होगी।