कोठों पर छापे में मुक्त कराई गईं 11 युवतियों से गुड़िया संस्था के सदस्यों ने बात की। गुड़िया संस्था के रेस्क्यू कोआर्डिनेटर उमाशंकर यादव ने बताया कि मुक्त युवतियों में नेपाल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असोम, आगरा की दो-दो और मेरठ की एक हैं।
नेपाल और पश्चिम बंगाल की युवतियों ने बताया कि उन्हें परिचित कुछ साल पहले शादी और नौकरी दिलवाने का वायदा कर लाए थे। उन्हें बेच दिया गया। उन्हें जहां रखा जाता है, वहां से निकलने नहीं देते थे। रुपये भी संचालिका छीन लेती हैं। इस वजह से भाग भी नहीं पाती थी।
शहर में देह व्यापार के अड्डों पर छापेमारी कई बार हो चुकी हैं। कभी कश्मीरी बाजार स्थित खास गली के कोठों में तो कभी होटल और बसई से युवतियां मुक्त कराई गईं। इन अड्डों से पुलिस बेखबर बनी है, जबकि तीन संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य लगातार सूचना दे रहे हैं। रेकी के बाद पुलिस से कार्रवाई करा रहे हैं।
21 अगस्त को प्रयागराज की गुड़िया संस्था की सूचना पर शुक्रवार को कश्मीरी बाजार स्थित कोठों पर पुलिस ने छापा मारा। 21 कोठा संचालिका, 11 पीड़ित महिलाएं और 11 ग्राहक पकड़े गए।
चार अगस्त को फ्रीडर्म फर्म संस्था की सूचना पर बसई (थाना ताजगंज) में छापा मारा गया था। घर में देह व्यापार चल रहा था। यहां से 13 युवतियों को मुक्त कराया गया था। उन्हें बंधक बनाया था।
27 जून 2017 को प्रयागराज की गुड़िया संस्था की सूचना पर सिकंदरा क्षेत्र स्थित एक होटल में पुलिस ने छापा मारा था। यहां पर दस युवतियों को मुक्त कराया गया था। थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया था।
17 फरवरी 2016 को दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन की सूचना पर कश्मीरी बाजार की खास गली में संचालित कोठों पर छापामारी की गई थी। इस दौरान पांच युवतियों को मुक्त कराया गया था। तीन कोठा संचालिकाओं और दो युवकों को भी पकड़ा गया था।
इस संबंध में एसपी सिटी प्रशांत वर्मा ने बताया कि देह व्यापार के अड्डों के बारे में कोई भी व्यक्ति सूचना देता है तो टीम बनाकर तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी निरोधक तस्करी शाखा काम करती है। इसके अलावा थाना पुलिस नजर रखती है।