किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। एक टीम 13 जनवरी को कोलकाता गई। संभावित स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन किशोरी नहीं मिल सकी। एक सप्ताह बाद टीम वापस आ गई। रविवार को किशोरी अपनी रिश्तेदार युवती के साथ वापस आई थी। इसकी जानकारी पुलिस को हो गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि शमसाबाद मार्ग तिराहे के पास से किशोरी को बस से उतरते हुए बरामद कर लिया गया। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। परिजनों ने उसे नाबालिग बताया है। इस पर उम्र का मेडिकल भी कराया जाएगा। बयानों के अवलोकन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी युवक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
परिजनों ने बताया कि बेटी को खोजने में वह खुद भी लगे हुए थे। जगह-जगह भटक रहे थे। हर संभावित स्थान पर जाते थे। इस कारण कुछ लोगों से कर्ज लेना पड़ा। अब उन्हें तकरीबन ढाई लाख रुपये चुकाने हैं।
पुलिस की पूछताछ में किशोरी ने खुद ही युवक के साथ जाने की बात कही है। यह भी बताया कि वह नाबालिग नहीं है। बालिग हो चुकी है। मगर, परिजन उसके नाबालिग होने का ही दावा कर रहे हैं।