थाना एत्माद्दौला में विवाहिता ने पति, ससुर और सास के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। पति पर अप्राकृतिक कृत्य का भी आरोप है। मुकदमा दर्ज होने के तीन महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने मंगलवार को आईजी ऑफिस में आत्मदाह की चेतावनी दी। इसकी जानकारी पर सोमवार रात को विवाहिता को पुलिस ने घर में ही नजर बंद कर दिया। तकरीबन 20 घंटे बाद पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देकर गई।
विवाहिता सदर क्षेत्र में भाई के घर में रह रही है। उसकी शादी अप्रैल 2018 में हुई थी। ससुराल ताजगंज क्षेत्र में है। पति रेलवे के बिजली विभाग में टेक्नीशियन है। पीड़िता का कहना है कि ससुरालीजन शादी में मिले सामान और जेवरात से संतुष्ट नहीं थे। पति दहेज में कार की मांग करने लगा। उन्होंने कार देने में असमर्थता जताई। मगर, वो माने नहीं। उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। कई बार घरवालों ने समझाने का प्रयास किया। पति उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करने लगा। विरोध पर पिटाई करता। 29 दिसंबर 2021 को वो किसी तरह भागकर अपने घर आई। वो थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में किराये के मकान में रहने लगी। पीड़िता ने थाना एत्माद्दौला में मुकदमा दर्ज कराया था। अब भाई के घर रह रही है।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों को पत्र लिखकर गिरफ्तारी की मांग
विवाहिता का कहना है कि छह अप्रैल को उसने मुख्यमंत्री सहित पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र भेजा। पति की गिरफ्तारी की मांग की। ऐसा नहीं होने पर एसएसपी ऑफिस के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दी। इसकी जानकारी पर सात अप्रैल को पुलिस पहुंची। कार्रवाई का आश्वासन दिया। मगर, कुछ नहीं हुआ। दस अप्रैल को उन्होंने एक बार फिर पत्र भेजा।
इस बार आईजी ऑफिस पर आत्मदाह की चेतावनी दी। सोमवार रात को पुलिस युवती के घर पहुंची। इसमें महिला सिपाही भी शामिल थीं। उन्होंने उसे घर में ही नजरबंद कर दिया। मंगलवार शाम तकरीबन साढ़े चार बजे पुलिस युवती को समझाने के बाद गई। पुलिस ने युवती से कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट लखनऊ से मंगाई जा रही है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट मंगा रहे : निरीक्षक
थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक सत्यदेव शर्मा ने बताया कि युवती ने दहेज के लिए उत्पीड़न, मारपीट, गालीगलौज, अप्राकृतिक कृत्य, दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया है। युवती का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। पति पर अप्राकृतिक कृत्य का भी आरोप है। दहेज उत्पीड़न के मामले में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। इसलिए गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। नोटिस देकर चार्जशीट लगाई जाती है। इसमें गिरफ्तारी के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट जरूरी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विवाहिता को समझा दिया गया है।