सूर्या बीड्स फैक्ट्री में धमाका व आग में सात श्रमिकों के जलने की घटना के बाद उपायुक्त उद्योग को बिना पड़ताल किए अभियोग दर्ज कराना महंगा पड़ सकता है। क्योंकि एक साझीदार तो 13 वर्ष पूर्व मृत हो चुके हैं। परिजनों की मानें तो उन्होंने अपनी पार्टनरशिप भी खत्म कर दी थी। मृतक के नाम रिपोर्ट देखकर परिजन हैरान हैं।
शिकोहाबाद के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सूर्या बीड्स प्रा.लि. के चार हिस्सेदारों में वीरेंद्रनाथ अग्रवाल पुत्र दीनानाथ अग्रवाल निवासी एसएनरोड फिरोजाबाद, कमल माहेश्वरी व नीरज माहेश्वरी पुत्र श्रीराम माहेश्वरी निवासी मातावाला बाग कोटला रोड एवं प्रभात माहेश्वरी पुत्र वीके माहेश्वरी निवासी प्रोफेसर कॉलोनी शिकोहाबाद के खिलाफ अभियोग उपायुक्त उद्योग शरद टंडन ने दर्ज कराया है।
वीरेंद्रनाथ अग्रवाल की मृत्यु 13 वर्ष पूर्व 23 अप्रैल 2004 को हो गई थी। परिजनों ने उनका मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाया है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त को यह लापरवाही काफी भारी पड़ सकती है। इधर वीरेंद्रनाथ अग्रवाल की पत्नी मंजू अग्रवाल ने कहा फैक्ट्री के साझीदार वीरेंद्र नाथ अग्रवाल, नीरज माहेश्वरी व कमल माहेश्वरी ने अपना इस्तीफा 22 वर्ष पूर्व देने के साथ पूरा मालिकाना हक प्रभात माहेश्वरी को ही दे दिया था।