दयालबाग में 28 अगस्त को लगी भीषण आग के मामले में पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनी ग्रीन गैस लिमिटेड के चेयरमैन समेत आठ अधिकारियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इसमें आरोप है कि आग पीएनजी लाइन के रखरखाव में कमी होने के कारण लगी थी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर दयालबाग के एलोरा एंक्लेव निवासी प्रांशु दुबे ने दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आग पीएनजी लाइन में लगी। इसके बाद आग फैलकर उनकी बिल्डिंग तक पहुंच गई।
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बिल्डिंग में मौजूद रिपेयरिंग के गैराज में रखे कंप्रेशर और अन्य उपकरणों ने आग पकड़ ली। तेज धमाके हुए। इससे बिल्डिंग एक तरफ झुककर गिरासू हो गई है। अग्निश्मन विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
ये हैं नामजद
1. एमके तिवारी ( चेयरमैन ) , गेलभवन, आरके पुरम, दिल्ली
2. निकत रस्तोगी, ( कंपनी सेकेट्री ), गोविंदनगर कानपुर
3. पियूष मिश्रा ( सीएफओ ) तीरथ बख्शी अपार्टमेंट, लखनऊ
4. गोविंद कोटिथ सतीश ( नोमिनी डायरेक्टर ) , आस्केड विलेज, एंड्यूज गंज, दिल्ली।
5. आनंद रेड्डी भीम रेड्डी ( होल टाइम डायरेक्टर ) , विभूति खंड , लखनऊ
6. अंजनी कुमार तिवारी ( नोमिनी डायरेक्टर ), वैभव खंड, गाजियाबाद।
7. संजीव मेधी ( मैनेजिंग डायरेक्टर ), गांधी कुंज, औरैया
8. एफसी मुखर्जी ( एजीएम, आगरा ग्रीन गैस लि. ) , संजय प्लेस, आगरा
एफआईआर में लापरवाही से किसी को आर्थिक क्षति पहुंचाने और जीवन खतरे में डालने की धाराएं लगाई गई हैं। जांच में देखा जाएगा कि क्या लापरवाही रही और कौन कौन जिम्मेदार है? - राजेश कुमार पांडेय, प्रभारी निरीक्षक, न्यू आगरा थाना