मैनपुरी जिले में पुलिस की मनमानी का मामला सामने आया है। गांव रकरा में शनिवार की रात बच्चों की जिद पर अपने खोखे से अंडे निकालने आए दुकानदार को दरोगा ने उसी के अंदर बंद कर दिया। दुकानदार चीखता रहा, लेकिन दरोगा वहां से चले गए। जानकारी होने पर ग्रामीणों की काफी मान-मनौव्वल के बाद चाबी दी गई। एक घंटा बाद दुकानदार को बाहर निकाला जा सका।
थाना भोगांव क्षेत्र के गांव मुरादपुर नगरिया निवासी राजेश कुमार उर्फ राजू की रकरा बाजार में परचून का खोखा है। शनिवार की रात तकरीबन आठ बजे बच्चों ने अंडे खाने की जिद की तो वो खोखा से अंडे निकालने के लिए चला गया।
राजेश खोखा खोलकर अंदर गया ही था। इसी दौरान गश्त करने पहुंचे रकरी चौकी इंचार्ज तेजवीर सिंह ने खोखा खुला देखा तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने दुकानदार से बिना वजह पूछे ही होमगार्ड से खोखे का दरवाजा बंदकर उसमें ताला लगवा दिया।
खोखे में बंद दुकानदार ने दोस्तों को किया फोन
दुकानदार बाहर निकालने के लिए चीखता रहा लेकिन चौकी इंचार्ज तेजवीर सिंह ने एक न सुनी और वहां से चले गए। लॉकडाउन के चलते वहां कोई भी मदद के लिए मौजूद नहीं था। राजू ने मोबाइल के माध्यम से दोस्तों की मदद मागी।
जानकारी होने के बाद गांव से कई ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने चौकी इंचार्ज की काफी मान-मनौव्वल की। इसके बाद एक होमगार्ड को भेजकर ताला खुलवाया गया। राजू ने बताया कि उसने 112 नंबर भी मिलाया, लेकिन लगा नहीं। चौकी इंचार्ज के इस बर्ताव के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों और पुलिस में हुई नोकझोंक
चौकी इंचार्ज रकरी द्वारा दुकानदार को बंद किए जाने की घटना के बाद पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण जब चौकी पर चाबी लेने गए तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि अगर दुकानदार के पास मोबाइल न होता तो उसके साथ कुछ भी हो सकता था।
जब इस मामले में चौकी इंचार्ज तेजवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खोखा खोलकर अंडों की बिक्री की जा रही थी। मौके पर पहुंचते ही लोग चले गए। वहीं एक लड़का खोखा बंद करके खेतों की तरफ भाग गया। उन्हें लगा कि खोखा में कोई नहीं है, जिसके बाद ताला लगा दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय ने कहा कि इस तरह का मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। यदि कोई शिकायत की जाती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।