आगरा में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सात दिन में विवेचना पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। इसमें निवेदन किया जाएगा कि फास्ट ट्रैक मोड पर केस की सुनवाई की जाए। दो महीने में सजा दिलाने का भी लक्ष्य है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में जंगल में किशोरी से दुष्कर्म की घटना हुई थी। उसे जान से मारने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब पुलिस ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए जल्द से जल्द विवेचना और कोर्ट में सुनवाई त्वरित गति से चलाने की तैयारी की है।
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सिकंदरा थाना क्षेत्र की किशोरी नौ मार्च को घर से निकली थी। वह 10 मार्च को गांव के रास्ते पर लहूलुहान मिली थी। दुष्कर्म का विरोध करने पर उसके साथ दरिंदगी की गई थी। मामले में पुलिस ने किरावली के गांव डावली निवासी गणेश और संतोष को जेल भेजा है। हत्या के प्रयास में प्रयुक्त ईंट, बाइक, मोबाइल बरामद किए। घटनास्थल से दुपट्टा, चप्पल आदि मिले थे।
फास्ट ट्रैक मोड पर हो केस की सुनवाई
डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों पर बहला-फुसलाकर अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या के प्रयास, साक्ष्य मिटाने की धारा, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मुकदमे की विवेचना सात दिन में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। निवेदन किया जाएगा कि फास्ट ट्रैक मोड पर केस की सुनवाई की जाए। दो महीने में सजा दिलाने का भी लक्ष्य है।
कोर्ट में जल्द कराएंगे बयान
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि पीड़ित किशोरी अभी अस्पताल में भर्ती है। उसका उपचार चल रहा है। उसके पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान दर्ज कर लिए हैं। अब कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाने बाकी हैं। किशोरी के स्वस्थ होने पर बयान दर्ज करा दिए जाएंगे। पुलिस को दिए बयान में किशोरी ने घटना के बारे में बताया है।