डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन घोटाले में फंसी चार कंपनियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया था। सोमवार को इन कंपनियों की ओर से जवाब दाखिल करने की समय सीमा खत्म हो गई। अब इन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने की जिम्मेदारी चार कंपनियों को सौंपी गई थीं। कूड़ा कलेक्शन में इन कंपनियों को करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया गया था। नगर निगम सदन में मामला उठाए जाने के बाद इनकी जांच में कूड़ा कलेक्शन के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसके बाद नगर निगम की ओर से इन कंपनियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था।
सोमवार को इनके जवाब दाखिल करने का समय भी खत्म हो गया। फर्जीवाड़ा खुलने के बाद इन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन निगम के अधिकारियों ने दिया था। अब इन कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
घोटाले में लिप्त अफसरों पर दर्ज कराएं मुकदमे कांग्रेसियों ने दिया नगरायुक्त को ज्ञापन
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चिल्लू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को नगरायुक्त अरुण प्रकाश से मिलकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में घोटाला करने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। साथ ही बिजली, पानी और सीवर की समस्याएं सुलझाने को कहा।
चिल्लू ने कहा कि अभी तक डोर टू डोर घोटाले के जिम्मेदार अधिकारी व कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। कंपनियों ने असिस्मेंट में भी हेराफेरी की है। उन्होंने शहीद नगर, ताजगंज, लोहामंडी, रावली और घटिया मामू भांजा में टूटी सड़कें, नाली, खरंजे बनवाने की मांग की। इस मौके पर शिरोमणि सिंह, आईडी श्रीवास्तव, नंदलाल भारती, दिलशाद भाई, राकेश बौद्ध, हबीब कुरैशी आदि थे।