आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव लालऊ निवासी छात्रा संजलि को जिंदा जला दिए जाने की घटना की जांच उस लाइटर पर आकर अटक गई है, जिससे उसे जलाया गया। यह खास किस्म का लाइटर है।
पुलिस यह मालूम करना चाहती है कि इस तरह का लाइटर जनपद में कहां बिकता है ? और हाल फिलहाल में कौन-कौन खरीदकर लाया? उम्मीद है कि इन सवालों के जवाब से ही कोई न कोई सुराग मिल जाएगा लेकिन यह अभी तक नहीं मिल पाया है।
पुलिस की दो टीमें लाइटर की लाइन पर काम कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम ने शुक्रवार को लालऊ में उन घरों में जाकर पड़ताल की जो रसोई गैस का इस्तेमाल करते हैं। खुदकुशी करने वाले योगेश का घर भी इनमें शामिल है।
सभी जगह देखा गया कि लाइटर किस किस्म का इस्तेमाल किया जा रहा है? रसोई गैस वितरकों को भी लाइटर का फोटो दिखाया गया। कहीं यह लाइटर ऑनलाइन न मंगाया गया हो? इस पर पुलिस ने ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों से भी बात की। पता चला कि ऑनलाइन खरीद नहीं की गई है। इस लाइटर की एक खूबी यह है कि इसमें एक बटन ऐसा ही जिसे दबाने से इसकी आग बुझती नहीं है। यह गैस से जलने वाला लाइटर है।