उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिला का नगला सिंघी का एक ऐसा जंगल, जहां जाने में भी लोग डरते हैं, वहां अपराधियों ने मौत का सामान बनाने का अड्डा बना रखा था। रात को होने वाली हलचल से लोग दहशत में थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने यहां छापा मारा, तो मामले का भंडाफोड़ हो गया। यहां पर बड़ी संख्या में अवैध हथियार बनते हुए मिले, जिनकी सप्लाई अपराधियों तक की जाती थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से बने और अधबने शस्त्र के अलावा बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव घुरकुंआ के जंगलों में अवैध शस्त्र तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जंगल में छापामार कार्रवाई करते हुए मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गांव के ही पप्पू उर्फ मोहन, वीरभान, विपिन और बानासुर शामिल हैं। यह पिछले कई दिनों से शस्त्र बनाकर तैयार करने के साथ उन्हे खपा भी रहे थे।
एसपी सिटी सर्वेश मिश्र ने बताया कि आगामी लोकसभा में अवैध शस्त्र खपाने के लिए तैयार किए जा रहे थे। पुलिस की सतर्कता के चलते आरोपी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। इनमें मुख्य सरगना पप्पू उर्फ मोहन और वीरभान हैं। जो थाना टूंडला से भी अवैध शस्त्र तैयार करने के मामले में जेल जा चुके हैं। यह एक तमंचा 3500 से 4000 रुपये में बेचते थे।
सीओ टूंडला अनिवेश सिंह ने बताया कि जिस-जिस को इन लोगों ने तमंचे बेचे हैं। उनकी जानकारी भी की जा रही है। आरोपियों ने पूछताछ में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। पुलिस ने मौके से चार तमंचे बने और पांच तमंचे अधबने, काफी मात्रा में कारतूस और बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।