विनोद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित
मैनपुरी। एडीजे-4 की कोर्ट में हुए गोलीकांड के आरोपी पर रविवार को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। विनोद ने अदालत तक तमंचा पहुंचाने में मनीष की पत्नी की मदद की थी। वारदात के बाद से ही वह फरार चल रहा है।
सोमवार को जिला कारागार से पेशी पर आए करहल थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी मनीष यादव (32) ने अपने बहनोई प्रिंस को फंसाने के उद्देश्य से एडीजे-4 की कोर्ट में खुद के पैर में गोली मार ली थी। कोर्ट रूम तक तमंचा हत्याकांड के आरोपी मनीष यादव की पत्नी सीमा यादव ने कपड़ों में छिपाकर पहुंचाया था।
एसपी अजय कुमार के अनुसार पूछताछ में सीमा यादव ने बताया था कि तमंचा मनीष के मामा विनोद यादव पुत्र सूबेदार सिंह निवासी खुशालपुर, जसवंतनगर इटावा ने लगाकर दिया था। कोर्ट रूम तक तमंचा पहुंचाने में भी विनोद ने उसकी मदद की। वारदात के बाद से विनोद फरार चल रहा है। पुलिस टीमें लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुईं हैं। एक सप्ताह में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर रविवार को एसपी अजय कुमार ने विनोद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस को उम्मीद है कि इनाम की धनराशि घोषित होने से विनोद की जल्द गिरफ्तारी होगी।
वारदात के बाद से पुलिस उस अधिवक्ता की भी तलाश में जुटी है, जिससे मनीष को न्यायालय में गोली मारने की सलाह दी थी। पूछताछ में मनीष की पत्नी सीमा वकील का नाम पुलिस को नहीं बता पाई। सीमा के अनुसार विनोद उस वकील को जानता है। पुलिस को उम्मीद है कि विनोद के पकड़े जाने के बाद भी उस वकील की भी शिनाख्त हो जाएगी, जिससे मनीष को वारदात के लिए कोर्ट रूम का सुझाव दिया।
जमानत पर रिहा है विनोद
नौ अक्तूबर 2012 को मनीष यादव ने अपने मामा विनोद यादव और सतीश यादव सहित छह साथियों की मदद से पिता, सौतेली मां, सौतेले भाई की हत्या की थी। मामा विनोद यादव और सतीश यादव वर्तमान में जमानत पर चल रहे हैं। न्यायालय में हुए गोलीकांड के बाद से पुलिस को मामा विनोद यादव की तलाश है।