उत्तर प्रदेश के आगरा में ग्वालियर हाईवे स्थित सरस्वती विहार में सराफ की दुकान में डकैती की कोशिश करने आए बदमाश सैंया की तरफ से आए थे। वह किधर से भाग गए, यह पुलिस नहीं पता कर सकी है। उसे शक है कि गैंग धौलपुर का हो सकता है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।
दो अगस्त को सरस्वती विहार, ग्वालियर मार्ग पर सराफ श्याम वर्मा की खुशी ज्वेलर्स की दुकान में डकैती की कोशिश की गई थी। दो बाइक पर आए पांच बदमाशों ने श्याम वर्मा और उनके बेटे वंश पर तमंचे तान दिए थे। मगर, पिता-पुत्र के साहस के आगे बदमाश पस्त हो गए थे। श्याम वर्मा बदमाशों से भिड़ गए थे। बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गए थे।
पुलिस ने बदमाशों की पहचान के लिए कॉलोनी सहित ग्वालियर हाईवे के 50 से अधिक कैमरे देखे। सैंया टोल के कैमरों में बदमाश नजर नहीं आए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरोह धौलपुर, राजस्थान का हो सकता है। बदमाशों की संख्या पांच से ज्यादा भी हो सकती है। बदमाश वारदात के बाद कहां चले गए, यह पता नहीं चल सका है।
शक है कि बाइकों से वारदात के लिए आने के बाद अपने साथियों के साथ किसी दूसरे वाहन से भागे होंगे। सैंया से धौलपुर की सीमा तकरीबन सात किलोमीटर की दूरी पर है। ग्वालियर मार्ग के अलावा गांव के रास्तों से भी जाया जा सकता है। बदमाश अपनी बाइकों को कहीं खड़ा करने के बाद किसी और वाहन से भी जा सकते हैं।
एसीपी सदर डॉ. सुकन्या शर्मा ने बताया कि बदमाश सैंया की तरफ से आए थे। कहां और किस तरफ से भागे, यह पता नहीं चल सका है। टीम लगी हुई हैं। जल्द ही और सुराग मिलने की उम्मीद है।