विजय सामा ने कहा कि हींग की मंडी में विरोध स्वरूप व्यापारियों ने काले बैनर टांगें हैं। बैठक कर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनी है। पहले चरण में हींग की मंडी से जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च और विरोध-प्रदर्शन होगा। यदि जूते पर जीएसटी कम नहीं की गई तो जूता कारोबारी सड़क से संसद तक संघर्ष होगा। दिल्ली में प्रधानमंत्री और लखनऊ में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
दस लाख लोग होंगे प्रभावित
विजय सामा ने कहा कि आगरा में जूता कुटीर उद्योग है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 10 लाख लोग निर्भर हैं। सोनू सचदेवा, विजय चटाना ने कहा कि कारोबार से अधिकांश सिंधी व पंजाबी समाज के लोग जुड़े हैं। बीआईएस, एमएसएमई व जीएसटी के नियम व मानकों से रोजगार प्रभावित हो रहा है। टेकचंद, प्रदीप मेहरा, रॉबी ग्रोवर ने कहा सरकार की मनमानी से जूता कारोबारी पलायन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
इन मार्केट पर टंगे काले बैनर
जूता कारोबारी वासुमल चंदानी, राजेश लालवानी और घनश्याम दास ने बताया कि हींग की मंडी व शिवाजी मार्केट में जीएसटी के विरोध स्वरूप काले बैनर टांगे गए हैं। आगरा शू सेंटर, आगरा शू चैंबर, ज्ञानी शू कॉम्पलेक्स, न्यू शू मार्केट, एनएन प्लाजा, एसआर काॅम्पलेक्स, शू सप्लायर एसोसिएशन, श्रीराम प्लाजा, संजय प्लेस शू मार्केट एसोसिएशन, गुप्ता शू कॉम्पलेक्स में जीएसटी को लेकर गहरा आक्रोश है।