फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभयपुरा अपहरण कांड: कारखास भूरा को नहीं ढूंढ पाई पुलिस, दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मी हुए बर्खास्त

Thu, 23 Mar 2023 07:32 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के बहुचर्चित अपहरण कांड मामले में पुलिस तीन महीने बाद भी आरोपी भूरा को नहीं ढूंढ पाई है। यह आरोपी पुलिसकर्मियों का कारखास माना जाता है। हालांकि मामले में दरोगा तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
मलपुरा थाना पुलिस ने पकड़ा गांजा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में जीजा इकरार व साले काजिम के अपहरण कांड में शामिल आगरा कैंट के टैक्सी चालक भूरा को पुलिस तीन माह बाद भी नहीं पकड़ सकी है। वहीं अपहरण में शामिल पांचवे आरोपी की पहचान तक नहीं हो सकी है। हालांकि रेलवे ने विभागीय जांच के बाद आरोपी आरपीएफ कर्मियों को बर्खास्त किया गया है।

विज्ञापन


मलपुरा थाना क्षेत्र के अभयपुरा गांव में 13 दिसंबर 2022 को आरोपी आरपीएफ आगरा कैंट के दरोगा सुरेश चौधरी, सिपाहियों पारुल यादव व नीरज की गिरफ्तारी की गई थी। जांच में सामने आया था कि बोलेरो में वर्दीधारियों सहित पांच लोग आए थे। वह जीजा-साले को धमका कर अगवा कर ले गए थे। राजा मंडी पुलिस चौकी में यातनाएं देकर फिरौती मांगी थी।

पुलिसकर्मियों का कारखास था भूरा

पुलिस की जांच में आगरा कैंट पर टैक्सी चलाने वाले भूरा का नाम सामने आया था। वह इन पुलिसकर्मियों का कारखास था। आरोपी पुलिसकर्मी भूरा को साथ लेकर ही चलते थे। भूरा का आगरा कैंट के प्रीपेड टैक्सी बूथ पर भी खासा दबदबा था, लेकिन अपहरण कांड में उसका नाम प्रकाश में आने के बाद से ही वह फरार है। 

दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मी बर्खास्त

पुलिस ने भी कई बार दबिश दी मगर वह हाथ नहीं लग सका है। पांचवां आरोपी भी आरपीएफ का सिपाही बताया गया था, लेकिन वारदात के तीन माह गुजरने के बाद भी उसकी पहचान भी नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, आरपीएफ ने विभागीय जांच के बाद आरोपी दरोगा सहित तीनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया।

यह था पूरा मामला

आरपीएफ आगरा कैंट पोस्ट पर तैनात दरोगा सुरेश चौधरी व दो सिपाहियों ने मलपुरा के गांव अभयपुरा से इकरार व उसके साले काजिम को धमकी देकर उठाया था। इसके बाद राजा की मंडी आरपीएफ चौकी पर इकरार को पीटने के बाद व्हाट्सएप कॉल करके तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें