आगरा। पहलगाम की आतंकी घटना के बाद ताजनगरी फेज-1 में रेस्तरां के कर्मचारी गुलफाम की गोली मारकर हत्या की गई थी। हत्या का मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र बघेल 10 महीने में भी नहीं पकड़ा जा सका है। 25 हजार का इनाम होने के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से दूर है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचा लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
नई आबादी, संजय कॉलोनी निवासी शाहिद अली का ताजनगरी फेज-1 में चिकन बिरयानी का रेस्तरां है। शाहिद के साथ उनका चचेरा भाई गुलफाम (27), मुन्ना, जीशान, सैफ अली भी काम करते थे। गत 23 अप्रैल की रात बाइक पर तीन युवक आए थे। एक युवक ने पिस्टल सटाकर गुलफाम को गोली मार दी थी। सैफ चिल्लाया तो दूसरे युवक ने उस पर गोली चलाई। गोली उसकी गर्दन पर रगड़ती हुई चली गई। घटना के बाद आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम पर डालकर माहाैल खराब करने की कोशिश की गई थी। घटना को पहलगाम हमले के बदले के रूप में दर्शाया गया था।
शाहिद अली ने बताया कि पुलिस ने गांव करबना के शिवम बघेल और प्रियांशु यादव को पकड़ा था। वह जेल में हैं। मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र बघेल नहीं पकड़ा जा सका है। घटना को 10 महीने बीत चुके हैं। घटना के 6 महीने बाद तक पुलिस ने उनकी सुरक्षा की। रेस्तरां पर भी आती थी, मगर अब सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। ऐसे में जान का खतरा बना रहता है। एक दिन रात में बिना नंबर की बाइक से नकाबपोश युवकों ने पीछा किया था। धमकी देकर गए कि मारना तो तुझे था। अब तेरी बारी है। संभल जा। इसके बाद चले गए। तब से वो दहशत में हैं।
-। पुलिस कर रही कुर्की की तैयारी
एसीपी ताजगंज पियूष कांत राय ने बताया कि पुलिस पीड़ित परिवार की सुरक्षा में लगी है। 24 घंटे फोर्स रहती है। आरोपी पुष्पेंद्र बघेल घर से भागा हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। आरोपी पकड़ा नहीं जाएगा तो पुलिस घर की कुर्की करवाएगी। इसके लिए कोर्ट से आदेश लिया जाएगा।