आगरा में 17 लाख की विदेशी मुद्रा लूटने के मामले में पुलिस 50 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद भी हाथ खाली हैं। आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में शहर के वीवीआईपी क्षेत्र फतेहाबाद रोड पर बदमाशों ने मनी एक्सचेंजर को गोली मारकर 17 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा लूटी थी। वारदात के 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। जबकि दूसरे दिन वारदात में प्रयोग हुई कार लखनऊ एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर लावारिस मिल गई थी।
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मामले में अब तक 50 से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ हो चुकी है। सुराग के नाम पर कुछ खास हासिल नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दिल्ली के गिरोह रडार पर हैं। गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है।
घटना 13 जून को हुई थी। मनीष शर्मा और रचित क्वात्रा का जेआर फॉरेक्स सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से मनी एक्सचेंज का कारोबार है। दोनों रात में ऑफिस बंद करके घर लौट रहे थे। तभी कार में सवार चार बदमाश आए। रचित से बैग लूटने लगे। विरोध पर गोली मार दी। इसके बाद 17 लाख की विदेशी मुद्रा से भरा बैग लूट ले गए।
मनीष शर्मा ने बताया कि घटना को 15 दिन बीत चुके हैं। बदमाश नहीं पकड़े गए। व्यापार से जुड़े लोग दहशत में हैं। घटना के बाद से उनका व्यापार बंद पड़ा है। कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं। रचित को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन वो पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं। डीसीपी सिटी सूरज राय का कहना है कि गिरोह के बारे में सुराग मिले हैं। टीम कार्य कर रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।