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गांजा तस्करी: व्हाट्स एप से डील कर विशाखापट्टनम से होती थी गांजे की डिलीवरी, 4 गिरफ्तार 

Mon, 14 Mar 2022 12:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

थाना हरीपर्वत पुलिस ने ओडिशा और बलिया के चार गांजा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से एक डायरी बरामद की है। जिससे नशे के इस कारोबार से जुड़े अन्य अपराधियों का नाम सामने आने की उम्मीद है।
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गांजा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओडिशा के जंगलों से गांजे की खेप विशाखापट्टनम छोटे वाहनों से पहुंचाने के बाद सप्लायर ट्रकों से उत्तर प्रदेश और हरियाणा के जिलों में पहुंचाते हैं। इसके बाद इन राज्यों के जिलों में खरीदार छोटे स्तर पर इसकी बिक्री करते हैं। सप्लायर गांजे की खेप भेजने से पहले इंटरनेट और व्हाट्स एप कॉलिंग से बात करते थे। व्हाट्स एप पर ही गांजे की फोटो भेजी जाती थी। डील पक्की होने पर ट्रक से लेकर आते थे। खुद दूसरी गाड़ी से आगे-आगे चलते थे, जिससे पुलिस की चेकिंग पर ट्रक को सुरक्षित रोका जा सके। पुलिस ने ऐसे ही गैंग के ओडिशा के सप्लायर सहित चार को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ में चार और नाम सामने आए हैं।

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सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायण ने बताया कि हरीपर्वत थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि विशाखापट्टनम से दस क्विंटल गांजा झारखंड नंबर के ट्रक में लाया जा रहा है। इसके साथ अर्टिगा गाड़ी में सप्लायर भी आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। यह ट्रक मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पुलिस चेकिंग में पकड़ लिया गया। मगर, अर्टिगा सवार भाग निकले। इनकी घेराबंदी हरीपर्वत पुलिस ने कर ली। आरोपियों की कार को आईएसबीटी कट पर रोक लिया गया। कार में ओडिशा निवासी रितेश कुमार प्रधान, लवहंतल, बलिया निवासी रमेश कुमार यादव और राजेश यादव सवार थे। कार की तलाशी में 28 किलोग्राम गांजा, पांच मोबाइल फोन, एक टेबलेट, एक डायरी और 6500 रुपये बरामद हुए।

डायरी से खुलेंगे और भी नाम

सीओ हरीपर्वत ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि लवहंतल, रितेश कुमार, रमेश, राजेश गांजे को प्रवीन कुमार, अजय, मनोज ठाकुर और भूपेंद्र को देने जा रहे थे। सभी लोग गांजे की बिक्री करने के लिए इंटरनेट और व्हाट्स एप कॉलिंग से बात करते हैं। मोबाइल फोन में गांजे की फोटो रखते हैं। इनको सप्लायर के पास व्हाट्स एप से भेजते हैं। डील होने पर वह ओडिशा के जंगल से गांजा लेते हैं। इसके बाद विशाखापट्टनम पहुंचा देते हैं। यहां से ट्रक में लोड कराने के बाद उत्तर प्रदेश और हरियाणा के जिले में लेकर जाते हैं। उनसे बरामद डायरी में हिसाब किताब लिखा हुआ है। इसके साथ ही गांजा बेचने वाले और खरीदने वालों के भी नाम हैं। पुलिस डायरी की जांच कर रही है। डायरी भी पुलिस केस का हिस्सा बनाएगी।

एजेंट करते हैं जिलों में गांजे की सप्लाई

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी रितेश कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास है। गांजा तस्करी में वह ओडिशा में पकड़ा जा चुका है। प्रवीन कुमार सिंह का नाम सामने आया। वह सफेदपोश की तरह रहता है। वह गांजा और शराब की तस्करी में गोरखपुर से जेल जा चुका है। उनका एक साथी अजय पांडेय के खिलाफ भी बलिया और गोरखपुर में मुकदमे दर्ज हैं। मथुरा के गांव हाथिया निवासी मनोज आगरा और आसपास के जिलों में, जबकि हरियाणा के भिवानी निवासी भूपेंद्र भी अपने जिले के आसपास गांजा की सप्लाई करता है।

गिरफ्तार और वांछित अपराधी

गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा निवासी लवहंतल, रितेश कुमार प्रधान उर्फराजा, बलिया निवासी राजेश कुमार यादव उर्फ सोनू और राजेश यादव हैं। वहीं वांछित आरोपियों में बलिया निवासी प्रवीन कुमार, अजय पांडेय उर्फ सोनू पांडेय, मथुरा के हाथिया निवासी मनोज ठाकुर और हरियाणा के भिवानी निवासी भूपेंद्र उर्फ लीला हैं।

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